बागेश्वर। बीआरपी, सीआरपी काउंसलिंग रद्द होने की सूचना समय पर नहीं देने पर काउंसलिंग के लिए आए शिक्षकों ने आक्रोश जताया। बीआरपी, सीआरपी ने इस तरह के निर्णय का विरोध करते हुए न्यायालय जाने की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार सुबह बीआरपी और सीआरपी में चयनित सभी शिक्षक काउंसलिंग के लिए सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना कार्यालय पहुंचे। कार्यालय पहुंचने पर उन्हें पता चला कि काउंसलिंग स्थगित कर दी गई है। इससे बीआरपी, सीआरपी में आक्रोश फैल गया।
उनका कहना था कि बिना लिखित और पूर्व सूचना के काउंसलिंग पर रोक लगाना उच्च न्यायालय की ओर से नौ नवंबर तक बीआरपी, सीआरपी के पदों पर तैनाती के लिए दिए गए निर्देशों की अवहेलना है। कहा कि पूर्व में सूचना नहीं मिलने से दुर्गम के स्कूूलों में तैनात शिक्षकों को जिला मुख्यालय आना पड़ा।
इससे शिक्षण कार्य और समय भी प्रभावित हुआ है। इसके खिलाफ वह फिर से न्यायालय की शरण में जाएंगे। नाराजगी जताने वालों में सुरेंद्र वर्मा, तारा दत्त भट्ट, रमेश सिंह रावत, राजेंद्र सिंह, गजेंद्र कुमार, पुष्कर सिंह, ललित मोहन जोशी, धीरेंद्र जोशी, भुवन चंद्र, रमेश चंद्र, केवलानंद पांडे, बलवीर सिंह, विक्रम सिंह, लक्ष्मण गिरी, भगवान सिंह, कमल सिंह, मोहन चंद्र साह, हेम चंद्र, दिनेश सिंह आदि बीआरपी और सीआरपी शामिल थे।