बैजनाथ मंदिर समूह की 128 दुर्लभ मूर्तियां इसी कोठरी में बंद।
गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ मंदिर समूह की 128 दुर्लभ मूर्तियां संग्रहालय के अभाव में मंदिर परिसर की एक बंद कोठरी में 49 साल से धूल फांक रही है। संग्रहालय के लिए जमीन क्रय करने को केंद्र सरकार 10 साल पूर्व 50 लाख की राशि केंद्रीय पुरातत्व विभाग को अवमुक्त कर चुकी है।
बैजनाथ मंदिर समूह की 128 दुर्लभ मूर्तियाें को केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने 1974 तक मंदिर परिसर में आम जनता के दर्शन के लिए रखा था। 1974 में अज्ञात चोरों ने मंदिर परिसर से मूर्तियों को चुराने का प्रयास किया। तब से केंद्रीय पुरातत्व विभाग सचेत हो गया। पुरातत्व विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर परिसर की 128 दुर्लभ शिष्ट पत्थर की बनी मूर्तियों को मंदिर परिसर के पास कत्यूर शासन काल में बनी बंद कोठरी में रख दिया। वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता जीवन लाल वर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर में संग्रहालय निर्माण के लिए केंद्रीय पुरातत्व विभाग महानिदेशक से कई बार कहा। पुरातत्व विभाग संग्रहालय निर्माण के लिए आज तक जमीन चयनित नहीं कर पाया है।
उन्होंने बताया कि उप्र के तत्कालीन सीएम 1985 में जब बैजनाथ मंदिर के दर्शन करने आये थे उनसे उन्होंने स्वयं और कत्यूर घाटी संघर्ष समिति ने बैजनाथ में संग्रहालय निर्माण के संबंध में कहा। उन्होंने तब केंद्रीय पुरातत्व विभाग के महानिदेशक से बैजनाथ में शीघ्र संग्रहालय का निर्माण करने को कहा। लेकिन आज तक संग्रहालय का निर्माण नहीं हुआ। मालूम हो कि केंद्रीय पुरातत्व विभाग के महानिदेशक ने 10 साल पूर्व संग्रहालय के लिए जमीन क्रय करने के लिए केंद्रीय पुरातत्व अधीक्षक को 50 लाख की राशि अवमुक्त की थी। केंद्रीय पुरातत्व विभाग आज तक संग्रहालय के लिए जमीन क्रय नहीं कर पाया है।
कोट
बैजनाथ में संग्रहालय निर्माण के संबंध में केंद्रीय पुरातत्व अधीक्षक को पत्र भेजा गया है। मंदिर परिसर में एक कमरे में धूल फांक रहीं मूर्तियों की सफाई करने के संबंध में पुरातत्व विभाग को निर्देश दिए गए है। - अनुराधा पाल, डीएम बागेश्वर