बागेश्वर। कपूरी-भंडारीगांव नहर की हालत बदतर हो गई है। करीब 36 साल पुरानी इस नहर में हेड से टेल तक पानी न चलने से किसानों की खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से नहर की हालत शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है।
तीन किमी लंबी कपूरी-भंडारीगांव नहर का निर्माण वर्ष 1981-82 में हो गया था। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने नहर में स्वयं के प्रयासों से पानी चलवाया। इसी के बाद रबी फसलों की बुआई कर सकें। नहर से 180 किसानों की 450 नाली भूमि की सिंचाई होती है। इस बार नहर ध्वस्त होने के कारण नहर में हेड से टेल तक पानी नहीं चल रहा है। डीएम को भेजे पत्र में किसानों ने नहर में पानी चलवाने के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित करने की मांग की है। उन्होंने नहर की हालत न सुधरने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इनमें जीवन सिंह, गणेश सिंह, हेमा देवी, बचुली देवी, प्रेमा देवी, राजन सिंह, गोपाल राम, मोहन सिंह आदि थे।