जिले में 12 सड़कें बंद रहने से 30 हजार की आबादी यातायात सेवा से वंचित रही। गांवों को एक-दूसरे से सीधा संपर्क कटा रहा। इससे क्षेत्रवासियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो सप्ताह से बंद छह सड़कों ने ग्रामीणों की मुश्किलें ज्यादा बढ़ाई।
मंगलवार को जिले में बंद सड़कों की तादाद बढ़कर 12 पहुंच गई। इन सड़कों पर दिनभर आवाजाही ठप रही। सड़कों पर चक्काजाम जैसे हालात रहे। मजबूरन यातायात पर निर्भर लोग घरों में कैद रहे। हालांकि जरुरी हालातों में यात्रा के लिए ग्रामीणों को कई किमी पैदल चलकर वाहन पकड़ना पड़ा।
वहीं, पिछले दो सप्ताह से बंद भयू-गडेरा, हरसिला-पुड़कुनी, कपकोट-कर्मी, भारी-हरसिंग्याबगड़, शामा-लीती, धरमघर-माजखेत ने क्षेत्रवासियों की मुश्किलें ज्यादा बढ़ाई। लंबे समय से आवाजाही ठप होने से इन ग्रामीण इलाकों में जरुरी सामानों की किल्लत का सामना करना पड़ा।
इधर, बागेश्वर-बैजनाथ मार्ग पर पेड़ टूटकर गिर गया। इससे दो घंटा यातायात बाधित रहा। मार्ग के दोनों ओर वाहनों में यात्री फंसे रहे। आपदा कर्मियों ने पेड़ काटकर वाहनों की आवाजाही सुचारू की। दूसरी ओर गरुड़-कपकोटी-फल्याटी, पंद्रहपाली-हड़बाड़ मार्ग पर मलबा आने से यातायात बाधित हुआ। तीन घंटों तक सड़क के दोनों ओर वाहन फंसे रहे। बाद में कार्यदायी संस्थाओं ने जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात शुरू किया।
दो और परिवार हुए बेघर
मूसलधार बारिश के बीच एक मकान गिर गया। जबकि एक खतरे की जद में आ गया है। प्रशासन ने दोनों प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। मंगलवार को दुगनाकुरी तहसील के दोफाड़ गांव में भूस्खलन से एक परिवार का मकान खतरे की जद में आ गया।
सूचना पर राजस्व कर्मियों ने मौका मुआयना किया। खतरा देखते हुए प्रभावित परिवार को गांव के ही संबंधी गोविंद सिंह के घर में शिफ्ट कर दिया गया। इधर, सोमवार को काफलीगैर तहसील के उडेरखानी गांव में गोविंदी देवी का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मकान टूटने से घरेलू सामान भी खराब हो गया। मौका मुआयने के बाद राजस्व कर्मियों ने प्रभावित परिवार को पंचायत घर में शिफ्ट कर दिया है। प्रभावितों ने प्रशासन से जल्द मुआवजा देने और सुरक्षा की मांग की है।
मौसम की मार से बिजली-पानी ठप
मौसम की मार का असर नागरिक सेवाओं पर पड़ा है। बागेश्वर नगर की कठायतबाड़ा पंपिंग पेयजल योजना ठप हो गई है। दूसरी ओर कपकोट में 12 गांवों में दूसरे दिन भी बिजली गुल रही। उफनाई सरयू की मार से कठायतबाड़ा पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई।
योजना के ठप रहने से नगर में पेयजल की समस्या और गहरा गई। कठायतबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को पेयजल के लिए जूझना पड़ा। जल संस्थान के ईई नंद किशोर ने बताया कि क्षतिग्रस्त योजना की मरम्मत की जा रही है। वहीं, कपकोट के खारबगड़ में क्षतिग्रस्त बिजली लाइनें दूूूसरे दिन भी दुरुस्त नहीं हो सकी।
इससे बड़ेत, सौंग, मुनार, सुमगढ़, दुलंग, काफलीकमेड़ा, गासी, सूपी, चौड़ास्थल की आपूर्ति मंगलवार को भी ठप रही। ईई बीएन पांडे ने बताया कि नई लाइन बिछाने की कार्यवाही चल रही है।
जिले में बंद मोटर मार्ग
कपकोट-पिंडारी
भयू-गडेरा
भानी-हरसिंग्याबगड़
धरमघर-सनगाड़
कांडा-सुनारगांव
बालीघाट-दोफाड़
धरमघर-माजखेत
शामा-नौकुड़ी
गैनार-लीली
हरसिला पुड़कुनी
कपकोट कर्मी
शामा-लीती