पालड़ीछीना से कनगाड़छीना के लिए 2002 में स्वीकृत 12 किमी सड़क 15 साल बीतने के बाद भी महज पांच किमी ही बनी है। सड़क नहीं बनने से क्षेत्र की हजारों की आबादी को मीलों की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सड़क निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करने की मांग की है।
ग्राम पंचायत जनौटी पालड़ी, पालड़ी बगढ़, करासमाफी, कराला पालड़ी आदि गांवों के प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 2002 में कनगाड़छीना के लिए स्वीकृत मोटर मार्ग से हजारों की आबादी को यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन 15 साल बीतने के बाद भी प्रस्तावित 12 किमी की सड़क की पांच किमी कटिंग कर निर्माण कार्य छोड़ दिया गया। जंगल तक बनाई गई इस सड़क का लाभ अधिकांश आबादी को नहीं मिल पा रहा है।
यहां तक पहुंचने के लिए जैन, करास, डालखोलिया, लूरी, चनौली, जड़ियाखाली, गणानाथ, दुगालखोला, पनेरगांव, थापला, करालापालड़ी, जनौटी पालड़ी, जोशी पालड़ी, झिरौली, छौना की जनता को सात से 10 किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। मरीजों और प्रसव पीड़िताओं को डोली में बैठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। सड़क सुविधा नहीं होने से अधिकांश परिवार पलायन करने के लिए मजबूर हैं। क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों ने वर्षों से रुके सड़क निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करने की मांग की है।