बागेश्वर। बागेश्वर जिले में ट्रॉमा सेंटर जल्दी काम करना शुरू कर देगा। स्वास्थ्य विभाग ने ट्रॉमा सेंटर के संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर वाहन चालक सहित 12 कर्मचारियों की तैनाती कर दी है। नर्सों की तैनाती भी जल्दी हो जाएगी। विभाग ने सिटी स्कैन, सीआर्म मशीनों की खरीद के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। शासन से स्पेशलिस्ट डॉक्टर की नियुक्ति होते ही ट्रॉमा सेंटर काम करने लगेगा।
बागेश्वर जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहद पिछड़ा है। वाहन दुर्घटना, पहाड़ी से गिरकर होने वाली दुर्घटनाओं में हर साल कई लोग समय पर उपचार न मिलने के कारण दम तोड़ देते हैं। दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को कम करने के लिए जनता की मांग पर जिला अस्पताल परिसर के पास करोड़ों की लागत से ट्रॉमा सेंटर, ब्लड बैंक भवन बनाए गए। वर्ष 2013 में भवनों का निर्माण होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने इनके संचालन को लेकर कोई कवायद नहीं की।
ऐसे में एक्सीडेंटल मामलों में घायलों को रेफर करने की प्रक्रिया जारी रही। इस मामले में आखिरकार नागरिक मंच की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले में सुनवाई करते हुए सरकार को ट्रॉमा सेंटर, ब्लड बैंक के संचालन स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट से मिले निर्देशों के बाद तीन साल से सोई सरकार, स्वास्थ्य महकमे की नींद खुली।
स्वास्थ्य विभाग ने ट्रॉमा सेंटर के संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर एक वाहन चालक, वार्डब्वॉय सहित 12 कर्मचारियों की तैनाती कर दी है। बागेश्वर के सीएमओ डॉ. जेसी मंडल ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर के जल्दी से संचालन की कोशिश चल रही है। सिटी स्कैन, सीआर्म मशीनों की खरीद के लिए उच्च स्तर पर कार्रवाई हो रही है। नर्सों की नियुक्ति भी कुछ दिन के भीतर होने की संभावना है। डॉक्टरों की तैनाती शासन स्तर से होती है। विशेषज्ञ चिकित्सक यहां पहुंचते ही ट्रॉमा सेंटर का संचालन शुरू हो जाएगा।
बागेश्वर। जनता को स्वास्थ्य सुविधा देने के नाम पर करोड़ों की लागत से ब्लड बैंक का भवन तो बना दिया गया लेकिन इसके बाद इस भवन के संचालन के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बागेश्वर में ब्लड बैंक के संचालन के लिए केंद्र सरकार से लाइसेंस तक नहीं मिला है। ब्लड बैंक के लाइसेंस की प्रक्रिया बेहद लंबी है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि भवन निर्माण के तीन सालों तक सरकार, स्वास्थ्य विभाग क्यों नहीं जागा।