बागेश्वर। प्रकटेश्वर सृजन मंच की ओर से यहां काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। रचनाकारों ने एक से बढ़ककर रचनाएं पेशकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। शुभारंभ दीप पांडे ने सरस्वती की वंदना गाकर किया।
मंदिर सभागार में हुई काव्य गोष्ठी में रेनू जोशी ने चेहरा दिखता है सभी आइनों में ..., जगदीश दफौटी ने कोशिशों में यहां तब कमी रह गई..., डॉ. केवलानंद कांडपाल ने आइए देखिए जनाब आए हैं..., केशवानंद जोशी ने इस प्रपंच भरे संसार में करेें किसका विकास..., डॉ. जितेंद्र तिवारी ने कुछ न कहकर कह जाते हैं..., मिलिंद बिष्ट ने हर रात कुछ बवाल करते हैं..., डॉ. राजीव जोशी ने फिर तेरी याद मेरी चैन चुराने आई...,प्रशांत पांडे ने हम दिल को थाम बैठे हैं...दीप चंद्र पांडे ने देखा उसे कलि आवरण से तन लपेटे हुए है...और डॉ. केएस रावत ने बच्चों ने थोड़ी शरारत कर डाली...रचना पढ़ी। वहां गिरीश पांडे, मथुुरा दत्त पांडे, मुन्नी पांडे, रीता पांडे, अथर्व पांडे, विनोद प्रकाश आदि थे।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर होगी काव्य गोष्ठी
बागेश्वर। प्रकटेश्वर सृजन मंच और जन शिक्षण संस्थान की ओर से जन शिक्षण कठायतबाड़ा में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या 14 अगस्त के अपराह्न चार बजे से जन शिक्षण संस्थान कठायतबाड़ा में वृहद काव्य गोष्ठी का आयोजन होगा।