कपकोट (बागेश्वर)। झोपड़ा, जालेख, गडेरा, दूणी, नेली के जंगलों में आग धधकी है। जंगलों में लगी आग से तपन बढ़ गई है। आग की लपटों में जहां भारी मात्रा में वन संपदा खाक हो गई है। इसमें वन्यप्राणियों के भी हताहत होने की आशंका है। गहरी धुंध से आंखों में जलन होने लगी है। आग बुझाने के ठोस प्रयास न होने से आग फैलती जा रही है। झोपड़ा, जालेख, गडेरा, दूणी, नेली के जंगल तीन दिन से धधक रहे हैं। आग से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े पेड़, पौधे जल गए हैं जबकि अनेक वन्यप्राणियों के भी हताहत होने की आशंका है। आग बुझाने के ठोस उपाय न होने से जहां जल स्रोतों में पानी की मात्रा कम होते जा रही है। वहीं बरसात में बाढ़-भूस्खलन का खतरा बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से आग बुझाने के लिए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।