बरसात में 18 सड़कें बन जाती हैं संवेदनशील
बागेश्वर। आपदा की दृष्टि से जिले की 18 से अधिक सड़कें संवेदनशील हैं। तेज बारिश होने पर सड़कों पर मलबा आने और किनारे की दीवारें टूटने से वह बंद हो जाती हैं। क्षेत्र के लोगों ने लोनिवि, पीएमजीएसवाई और एडीबी से बरसाती सीजन शुरू होने से पहले सड़कों दुरुस्त करने की मांग की हे। इधर, सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए लोनिवि, पीएमजीएसवाई और एडीबी ने अपने स्तर से प्रयास शुरू कर दिए हैं।
आपदा की दृष्टि से जिले की कई सड़कें पहाड़ी खिसकने, किनारे टूटने, कलवर्ट टूटने और मलबा भरने से बंद हो जाती हैं। इस कारण सुदूरवर्ती गांवों को जाने वालों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। गांवों में जरूरी सामग्री भी नहीं पहुंच पाते। लोगों को कई-कई मील पैदल चलना पड़ता है। इसके अलावा रोगियों को डोली में बैठाकर अस्पताल लाने में ग्रामीणों सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मल्ला दानपुर विकास समिति के अध्यक्ष स्वरूप सिंह कर्म्याल, जन चेतना मंच कपकोट के अध्यक्ष गोविंद गोरिला, पुंगरघाटी विकास मंच के अध्यक्ष गोविंद गोरिला और पूर्व सैनिक कल्याण संगठन के अध्यक्ष कृपाल सिंह रावत ने लोनिवि, पीएमजीएसवाई और एडीबी से सड़कों को सुरक्षित रखने के प्रयास और तेज करने को कहा है।
लोनिवि की यह सड़कें हैं संवेदनशील
बागेश्वर-कपकोट,भराड़ी-सोंग-मुनार
भानी-हरसिंग्याबगड़
भराड़ी-शामा-शामा-लीती
खड़लेख-भनार-घटबगड़
धरमघर-सनगाड़
कांडा-रावतसेरा
बागेश्वर-गरुड़
बागेश्वर-मालता-दफौट
बागेश्वर-गिरेछीना।
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पीएमजीएवाई की यह सड़कें हैं संवेदनशील
कपकोट-कर्मी
मुनार-सूपी-पतियासार
सोंग-बदियाकोट
लीती-गोगिना
अग्रणी चीराबगड़-पोथिंग
बिलौना-पगना
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एडीबी की यह सड़कें हैं संवेदनशील
कपकोट-दूणी-सुुकुंडा, कपकोट और पोलिंग मार्ग
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कई जगह काम हो गया, कई जगह जारी है
लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता आरके पुनेठा, कपकोट केके तिलारा और पीएमजीएसवाई के ईई जीएस चुफाल के अनुसार संवेदनशील सड़कों पर आए मलबे को हटा लिया गया है। संवेदनशील जगहों को चिन्हित कर वहां बरसात के पानी की निकासी के लिए नाली काटी जा रही हैं। वर्षा के दौरान सड़कों से मलबा हटाने के लिए जिले में 20 जेसीबी काम करेेंगी। अधिकारियों ने बताया कि सड़कों को सुरक्षित रखने के प्रयास तेजी से चल रहे हैं।