बागेश्वर। बेशक! अल्मोड़ा पिथौरागढ़ संसदीय सीट से कभी किसी महिला ने संसद तक का सफर तय नहीं किया है लेकिन इस चुनाव में दावेदारों की संसद की राह महिलाएं ही प्रशस्त करेंगी।
केंद्र की सत्ता का संग्राम शुरू हो चुका है। इस संग्राम में आधी आबादी पूरी ताकत बनने का माद्दा रखती है। अल्मोड़ा संसदीय सीट की बात करें तो चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले में कुल वोटरों की संख्या 12,93,704 है। इनमें महिला वोटरों की संख्या 6,35,705 हैं जो कुल वोटर का 49.14 फीसदी है।
पहाड़ में पलायन एक विकट समस्या है पुरुषों के बाहर काम करने की वजह से महिलाएं ही गांवों में रहती हैं। चुनावों में महिलाओं पोलिंग प्रतिशत भी ज्यादा होता है। ऐसे में महिलाएं लोस चुनाव में निर्णायक मतों की तरह है और किसी भी गणित को बनाने और बिगाड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसी के मद्देनजर सभी राजनीतिक दल महिलाओं को साधने की कोशिश में जुट गए हैं।
अल्मोड़ा पिथौरागढ़ संसदीय सीट पर महिला वोटरों की संख्या
जिला महिला वोटर की संख्या
अल्मोड़ा = 2,57,573
पिथौरागढ़ = 1,843,41
बागेश्वर = 1,02,701
चंपावत = 91,090
पिथौरागढ़ में पुरुषों से ज्यादा हैं महिलाएं
पिथौरागढ़ जनपद में कुल वोटरों की संख्या 3,68,673 है। इनमें महिलाओं की संख्या 1,84,341 हैं जबकि पुरुष वोटरों की संख्या 1,84,331 है। महिलाओं की संख्या बेशक 10 ज्यादा है लेकिन चुनाव जिताने में एक वोट की भी अहम भूमिका होती है। चंपावत में महिलाएं 1 लाख का आंकड़ा भी नहीं छू सकी हैं वहां महिला वोटर की संख्या महज 91,090 है।
भाजपा से एक, कांग्रेस से दो हैं दावेदार
अल्मोड़ा संसदीय सीट से भाजपा से एक रेखा आर्या दर्जा मंत्री दावेदार हैं। वहीं कांग्रेस से गीता ठाकुर और आशा टम्टा हैं। बसपा, सपा से किसी भी महिला ने दावेदारी नहीं ठोंकी है। इधर विधान सभा में अल्मोड़ा की सोमेश्वर विस से रेखा आर्य, पिथौरागढ़ से गंगोलीहाट से मीना गंगोला विधायक हैं।