बागेश्वर। जिला प्रशासन ने नगर की सड़कों में घूम रहे लावारिस पशुओं को गो सदन पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम के निर्देश पर अधिशासी अधिकारी ने रविवार को कपकोट तहसील के नाकुरी क्षेत्र में संचालित हो रहे गो सदन और जमीन का निरीक्षण किया।
अधिकांश पशुपालक बूढ़ी हो चुकी गायों और बछड़ों को सड़कों पर छोड़ देते हैं। वर्तमान में नगर की सड़कों में दो दर्जन से अधिक लावारिस पशु घूम रहे हैं। इन पशुओं के कारण सड़क पर यातायात प्रभावित होता है। कई बार पशु राहगीरों पर हमला कर देते हैं। इस समस्या को देखते हुए डीएम रंजना राजगुरु ने नगरपालिका को गोशाला निर्माण के लिए भूमि चयनित करने के निर्देश दिए थे।
रविवार को अधिशासी अधिकारी राजदेव जायसी ने नाकुरी में एक योगी द्वारा संचालित की जा रही गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने टिनशेड निर्माण के लिए गोशाला के आसपास की जमीन भी देखी। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि नाकुरी में पहले से एक गोशाला संचालित हो रही है। गोशाला संचालक से नगर के पशुओं को रखने के संबंध में वार्ता की गई। उनकी ओर से टिन शेड की कमी, चारे की समस्या सहित कुछ अन्य समस्याएं बताई गई हैं। गोशाला संचालक द्वारा यदि नगर में घूम रहे पशुओं को रखने की सहमति दी जाती है तो उन्हें पूरा सहयोग दिया जाएगा। 10 मई को इस संबंध में बैठक होनी है। कहा कि डीएम के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सांड़ के हमले में हो चुकी है एक व्यक्ति की मौत
बागेश्वर। पशुपालकों द्वारा छोड़े जाने वाले पशु लोगों के लिए बड़ी समस्या साबित हो रहे हैं। पिछले वर्ष एक लावारिस सांड़ के हमले में एक वृद्ध की मौत हो गई थी। जबकि अलग-अलग स्थानों पर एक दर्जन लोग घायल हुए थे। इस समस्या के बाद नगरपालिका ने तीन बार ट्रकों में भरकर जानवरों को मैदानी क्षेत्र स्थित गोसदन भेजा था। मगर अब एक बार फिर लावारिस पशुओं की संख्या बढ़ गई है।