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दुष्कर्म के आरोपी को 11 वर्ष का कठोर कारावास

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11 years of rigorous imprisonment to the rape Accused
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बागेश्वर। विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म के आरोपी को 11 वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार बीते 26 अप्रैल को कमेड़ीदेवी पुलिस चौकी में कांडा थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग को बहला-फुसला कर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी नेपाली युवक रिंकू उर्फ राधे उसी गांव में किराए में रहता था। पुलिस ने 27 अप्रैल को आरोपी के साथ 16 वर्षीय पीड़िता को बरामद कर लिया। विवेचक एसआई सुरभि राणा ने विशेष सत्र न्यायालय के समक्ष आईपीसी की धारा 363, 366 क, 376 (2 एन), 120 बी, 56/6 पॉक्सो अधिनियम में मामला दाखिल किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को अल्मोड़ा जेल भेज दिया गया।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट खड़क सिंह कार्की ने न्यायालय में 10 गवाह परीक्षित कराए। आरोपित रिंकू का डीएनए भी मैच हो गया था। मंगलवार को विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को लैंगिक अपराधों के संरक्षण की धारा छह में 11 वर्ष के कठोर कारावास, 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का कारावास, धारा 363 में पांच वर्ष का कारावास पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 ए में सात वर्ष का कारावास, पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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धारा 120 बी में पांच वर्ष का कठोर कारावास, पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। बताया गया है कि सह अभियुक्त राजेंद्र सिंह फरार चल रहा है, उसके घर की कुर्की हो चुकी है। न्यायालय ने पूर्व में पीड़िता को 50 हजार रुपये प्रतिकर देने के निर्देश राज्य सरकार को दिए थे। फैसले में दो लाख रुपया प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देने के निर्देश राज्य सरकार को दिए गए हैं।
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