बागेश्वर। जिले में लगातार दूसरे दिन रात में हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। पहाड़ी क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण जगह-जगह मलबा और बोल्डर आने से 11 ग्रामीण मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए। बारिश से बागेश्वर और कपकोट तहसील में आवासीय मकान, गोशाला और मकान का आंगन भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
मटियोली गांव में सुंदर लाल की गोशाला को नुकसान पहुंचा, जबकि गौला गांव निवासी प्रदीप जनौटी के आवासीय मकान को आंशिक क्षति हुई। कपकोट तहसील के कर्मी गांव में हर सिंह के मकान का आंगन भी बारिश की चपेट में आ गया। अचानक हुई तेज बारिश से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
मलबा आने से कठपुड़ियाछीना-सेराघाट, झारकोट-सुंदिल-जुनायल और गांधीग्राम-अमतोड़ा समेत 11 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। पिंडर घाटी के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है।
सरयू घाटी में क्षतिग्रस्त सड़कों पर चिंता
बागेश्वर। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने आपदा प्रभावित सरयू घाटी का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि हाल में हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि से क्षेत्र में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। खलझूनी मोटर मार्ग पर सुरक्षा दीवार गिरने से यातायात के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने दूरभाष के माध्यम से जिला प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्थिति की जानकारी देकर बंद और क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।