जिले में लंपी संक्रमण बढ़ता जा रहा है। अब तक एक हजार से अधिक मवेशी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। 11 मवेशियों की वायरस से मौत हो चुकी है जबकि 443 बीमार मवेशियों का उपचार चल रहा है। 618 मवेशी उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं। संक्रमण बढ़ने के बावजूद अधिकांश पशुपालक स्थिति को लेकर गंभीर नहीं हैं।
लंपी वायरस की चपेट में आने वाले पशुओं में बुखार की शिकायत हो रही है। उनके शरीर में दाने होने लगते हैं। दानों के सूखने की जगह पर छाले जैसे निशान पड़ जाते हैं। पशुओं के नाक और मुंह से लार बहती है। कुछ पशुओं में सूजन की शिकायत भी आ रही है। जिले के सभी तहसील क्षेत्रों में लंपी बीमारी फैली है। पशुपालन विभाग ने बीमारी को देखते हुए गांव-गांव में शिविर लगाने और पशुओं की जांच करने के लिए अभियान चलाया है। सभी पशु चिकित्सकों के मोबाइल नंबर विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुंचाए गए हैं।
टीकाकरण अभियान जारी
बागेश्वर। लंपी संक्रमण से बचाने के लिए पशुपालन विभाग टीकाकरण अभियान चला रहा है। अब तक 19034 मवेशियों का टीकाकरण कराया जा चुका है। टीकाकरण अभियान के साथ-साथ विभाग की टीम लोगों को लंपी वायरस को लेकर भी लोगों को जागरूक कर रही है।
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लंपी स्किन डिजीज का संक्रमण तेजी से फैल रहा है,। पशुपालक बीमारी को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। पशुपालक सहयोग करें और समय रहते पशुओं के बीमार रहने की सूचना चिकित्सक या विभाग को दें तो बीमारी को जल्द काबू किया जा सकेगा।
-डॉ. आर चंद्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बागेश्वर