बागेश्वर। यूपीसीएल में तैनात एक कर्मी ने दफ्तर में जमकर हंगामा काटा। आरोप है कि वह शराब के नशे में धुत था। हंगामे के बीच दफ्तर में मौजूद कर्मियों में अफरा तफरी फैल गई। ईई ने कर्मी शिकायत पर पुलिस से की। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से खिसक लिया। पुलिस आरोपी कर्मी की तलाश कर रही है। आरोपी कर्मी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू हो गई है।
यूपीसीएल कार्यालय में टीजी प्रथम के पद पर कार्यरत एक कर्मचारी ने शनिवार को सुबह 11 बजे कार्यालय जमकर हंगामा किया। आरोप है कि संबंधित कर्मचारी शराब के नशे में था। उसने अन्य कर्मियों के कार्य में भी बाधा पहुंचाने का प्रयास किया। सहकर्मियों ने उसको समझाने का पूरा प्रयास किया। लेकिन वह नहीं माना। दफ्तर में हंगामा बढ़ता देख ईई भाष्कर पांडे ने पुलिस को बुला लिया। लेकिन पुलिस के गोमती पुल पर पहुंचते ही आरोपी कर्मचारी मौके से खिसक लिया। पुलिस देर शाम तक कर्मचारी की तलाश करती रही। लेकिन वह नहीं मिला। ईई भास्कर पांडे का कहना है कि आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कोतवाली में लिखित शिकायत की गई है। आरोपी जैसे ही शराब पीकर दफ्तर आएगा तो पुलिस बुलाकर मेडिकल कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुशासनहीनता के मामले में उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी
शुरू हो गई है। ड्यूटी के दौरा शराबखोरी और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी।
शराबखोरी की वजह से नहीं मिली बिजलीघर में नियुक्ति
बागेश्वर। आरोपी कर्मी के कार्य व्यवहार और आचरण के चलते ही बिजलीघर में नियुक्ति नहीं मिली थी। उक्त कर्मचारी को रानीखेत से यहां तबादले के बाद उसे ईई दफ्तर से संबद्ध किया गया था। जबकि वह तकनीकी कर्मी है। इससे पूर्व भी कर्मी के खिलाफ कई शिकायतें मिल चुकी हैं। बागेश्वर तबादले की भी यही वजह मानी जा रही थी। ईई का कहना है कि आशंका और जोखिम के चलते कर्मी की बिजलीघर में ड्यूटी नहीं लगाई गई थी। ब्यूरो
एक साल पहले भी शराबखोरी में पकड़ा था कर्मी
बागेश्वर। यूपीसीएल में शराब के नशे में कर्मी के हंगामे का यह कोई नया मामला नहीं है। एक साल पहले गरुड़ के डंगोली बिजलीघर में भी शराबी कर्मी पकड़ा गया था। मेडिकल में शराबखोरी की पुष्टि पर टीजी द्वितीय के पद पर कार्यरत आरोपी कर्मी को निलंबित कर दिया गया था। ब्यूरो