कपकोट (बागेश्वर)। रविवार शाम नंदा सुनंदा की मूर्ति के निर्माण के लिए उत्तरौड़ा गांव पहुंचे पोथिंग के देव डांगर और श्रद्धालुओं का दल सोमवार को कदली के दो पेड़ लाए। श्रद्धालुओं ने गांव पहुंचकर पेड़ों को एक खेत में रोप दिया। इस दौरान वहां मेला सा लग गया। इससे पहले बीथी और पन्याती गांव पहुंचने पर श्रद्धालुओं का ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया।
रविवार शाम उत्तरौड़ा गांव के भगवती मंदिर में भजनों का गायन हुआ। सोमवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद भगवती और लाटू देवता के डांगर अवतरित हुए। उन्होंने केले के पेड़ों में चावल के दानें फैंके इनमें से दो पेड़ों में कंपन शुरू होते ही देव डांगरों ने उन्हें उखाड़ लिया। डंगरियों ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं को मां के जयकारा के साथ विदा किया। वहां केदार दत्त जोशी, रमेश पाठक, हरीश पांडे, कीर्ति बल्लभ पाठक, प्रदीप जोशी, गोपाल दत्त जोशी, कांति बल्लभ, बीडी पांडे आदि थे।
भगवती के डांगर भीम सिंह दानू, लाटू के खुशहाल सिंह, ग्वल के गिरीश जोशी, काला बाण खड़क सिंह गढ़िया और लाल बाण के भगवत सिंह ने बताया कि भगवती पूजा के दौरान नंदा-सुनंदा की मूर्ति का निर्माण इन्हीं पेड़ों के तने को काटकर होगा। इधर पूर्व सीएम और नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी के निजी सचिव सुरेश गढ़िया, भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी ओम प्रकाश ऐठानी बब्लू और गर्जिल स्कूल के प्रबंधक भूपेश गढ़िया ने पूरा सहयोग देने की बात कही।