बागेश्वर। अतिसंवेदनशील कुंवारी गांव में दस दिन बाद भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का क्रम जारी है। देहरादून से आई एसडीआरएफ की टीम ने भू-वैज्ञानिकों की मौजूदगी में सोमवार को ड्रोन कैमरे से दरक रही पहाड़ी की तस्वीरें उतारी।
कपकोट के एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने बताया कि कुंवारी गांव के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में अभी भी रुक-रुककर मलबा गिर रहा है। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ की टीम ने सोमवार को ड्रोन कैमरे की मदद से पहाड़ी की तस्वीरें उतारी हैं। भू वैज्ञानिक इन तस्वीरों की जांच करेंगे।
उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित गांव में पर्याप्त मात्रा में राशन सहित अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया है। खाद्यान्न विभाग द्वारा सभी परिवारों को राशन वितरित करने का काम चल रहा है।
आपदा प्रभावित परिवारों को धूर में बसाया जाएगा
कपकोट (बागेश्वर)। पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन और निचले हिस्से से जमीन के दरकने के कारण कुंवारी गांव अब रहने लायक नहीं है। ऐसे में प्रशासन के पास अब खतरे की जद में आए 110 परिवारों को दूसरे स्थान पर भेजना ही एकमात्र विकल्प बचा है। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।
एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने बताया कि कुंवारी के आपदा प्रभावित परिवारों को बदियाकोट में बसाने की योजना थी, लेकिन परिवारों ने बदियाकोट में बसने से इनकार कर दिया है। अब इन परिवारों को धूर में बसाने पर विचार किया जा रहा है। मंगलवार को इसके लिए प्रस्तावित जमीन का नक्शा तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।