अल्मोड़ा। वेतन विसंगति दूर करने समेत 23 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने शुक्रवार से पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कार्य बहिष्कार के कारण विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों ने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना देकर विरोध जताया। धरना स्थल पर हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आगामी सात दिसंबर तक पूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इसके बाद अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।
वक्ताओं ने यू हेल्थ कार्ड देने, वेतन विसंगति दूर करने, एसीपी की विसंगति दूर करने, 500 दिन उपार्जित अवकाश देने, दैनिक वेतन कर्मियों और वेतन भोगियों को नियुक्ति देने की मांग की। उन्होंने मांगें शीघ्र पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। शासन पर कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। अध्यक्षता मंजूषा नगरकोटी और संचालन गोपाल राम ने किया।
शुक्रवार को धरने पर इत्तखाब आलम, मुकेश कुमार, हरिहर मेहता, अनिल कुमार, मनीष तिवारी, अर्जुन सिंह, राजेंद्र बगड़वाल, गोपाल सिंह नेगी, कृपाल सिंह बिष्ट, योगेश पंत, बलवीर कार्की, प्रतिभा कांडपाल, रुचि मेहता, कुंदन प्रसाद, उमेश जोशी, रमेश राज, कैलाश चंद्र जोशी आदि बैठे।
बागेश्वर। 23 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। शुक्रवार को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने विकास भवन पर धरना दिया। इस अवसर पर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
मांगों को लेकर विभिन्न विभागों के राज्य कर्मचारियों ने पूर्ण बहिष्कार कर विकास भवन परिसर में धरना दिया। इस दौरान आयोजित सभा में परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती है कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन जारी रखा जाएगा।
धरना देने वालों में कैलाश चंद्र भट्ट, दलवीर सिंह, सतीश कुमार सिंह, डुंगर सिंह, पवन कुमार, शिवदयाल सिंह, नवीन चंद्र जोशी, चंद्र प्रकाश, हरीश बधानी, एसके सिंह, केडी जोशी, केएस मेहरा, केएस चन्याल, भुवन चंद्र तिवारी, गंगा सिंह, कुलदीप जोशी, एमएन गोस्वामी, केएस कोरंगा, हरीश सिंह, शिव दत्त आदि कर्मचारी शामिल थे।