कपकोट में भूस्खलन के चलते नदी में गिरा पोल और बिजली लाइन।
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भूस्खलन और मलबा आने से 10 सड़कों पर यातायात ठप रहा। आवाजाही पर निर्भर कपकोट विकास खंड के दर्जनों गांवों का मुख्यालय और बाजार से संपर्क कटा रहा। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। लगातार सड़कें बंद रहने से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी चीजों की किल्लत बढ़ गई।
रविवार को कपकोट-पिंडारी, भयू-गडेरा, कपकोट-पोलिंग, धरमघर-माजखेत, पोथिंग-भगवती मंदिर, हरसिला-पुड़कुनी, शामा-लीती-गोगिना, धरमघर-सनगाड़, शामा-नौकुड़ी, लीली-गैनार मोटर मार्ग बंद रहे। मार्ग बंद होने से यातायात पूरी तरह बाधित रहा। कोई भी वाहन और यात्री इधर से उधर नहीं जा सका। सड़कें बंद होने से ग्रामीण गांव में कैद रहने को मजबूर रहे। प्रभावित ग्रामीण अंचलों में दूध, फल-सब्जी, रसोई गैस आदि रोजाना की जरूरी चीजों की किल्लत बढ़ गई। सड़कें बंद रहने से प्रभावित ग्रामीण खरीदारी के लिए बाजार नहीं जा सके। जबकि गांव तक जरूरी वस्तुुओं की आवक भी ठप रही।
बारिश की मार से बिजली पानी ठप
बागेश्वर। बारिश की मार से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है। बागेश्वर में सरयू के उफान से क्षतिग्रस्त कठायतबाड़ा और जखेड़ा पेयजल योजनाएं अभी तक दुरुस्त नहीं हो सकी है। दूसरी ओर कपकोट में 11 हजार केवीए की लाइन नदी में गिर जाने से चार गांव की बिजली ठप हो गई है।
रविवार को कपकोट के उप संस्थान से निकलने वाली 11 हजार केवीए की बिजली लाइनों के पोल भूस्खलन के चलते सरयू की सहायक गासू नदी में जा गिरे। इससे बघर, ढोकटीगांव, पुलकुटी, दोबाड़ गांव की बिजली गुल हो गई। यूपीसीएल के ईई बीएन पांडे ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत की जा रही है। दूसरी ओर क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं के दुरुस्त न होने से प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित है। जल संस्थान के ईई नंद किशोर ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों की तेजी से मरम्मत की जा रही है। ब्यूरो