बागेश्वर। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (एमएसवाई) के तहत 59 लाभार्थियों को विभिन्न व्यवसायों के लिए 1.44 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। ऋण के लिए 77 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। 63 आवेदकों ने साक्षात्कार में प्रतिभाग किया।
सीडीओ डीडी पंत की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में शुक्रवार को जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक हुई। इस समिति ने एमएसवाई के तहत आवेदकों का साक्षात्कार लिया। बकरी पालन, पोल्ट्री फार्म, रेस्टोरेंट, आटा चक्की, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, जनरल स्टोर, मसाला उद्योग के लिए आवेदन मिले थे। सीडीओ ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के बेरोजगार, प्रवासी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एमएसवाई शुरू की है। कहा कि इससे बेरोजगारों को रोजगार तो मिलेगा ही, पहाड़ से पलायन भी रुकेगा।
उन्होंने कहा कि कुशल, अकुशल दस्तकारों, हस्तशिल्पियों और शिक्षित शहरी, ग्रामीण बेरोजगारों को प्रेरित कर स्वयं के उद्यम/व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित करने के लिए योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि जिस रोजगार के लिए वह ऋण ले रहे हैं, उसी रोजगार में राशि व्यय करें। इस राशि को अन्य योजना या कार्य में व्यय नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने महाप्रबंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल और सभी बैंकों के प्रबंधकों तत्काल युवाओं को रोजगार शुरू करने के लिए राशि दिलाने के निर्देश दिए।
साक्षात्कार में व्यापार मंडल के प्रतिनिधि को शामिल करें : बबलू
बागेश्वर। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बबलू नेगी ने सरकारी की स्वरोजगार ऋण योजना के साक्षात्कार में उद्योग व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधि को शामिल करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि सरकार योजना का प्रचार-प्रसार बहुत करती है लेकिन अधिकारी उस पर पलीता लगा देते हैं। ऋण का आवेदन वही व्यक्ति करता है, जिस को रोजगार की जरूरत है लेकिन जब जिले के अधिकारी आवेदकों का साक्षात्कार लेते हैं तो वहां पर बैठी साक्षात्कार लेने वाली टीम को जानकारी नहीं होती है कि कितनी लागत में व्यापार शुरू होगा। 10 लाख के आवेदक को पांच लाख और पांच लाख आवेदन करने वाले को दो लाख रुपये मंजूर कर दिए जाते हैं। इस कारण कई लोग रोजगार शुरू नहीं कर पाते। संवाद