रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने काफूरपुर रेलवे स्टेशन और इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने के लिए बनाए गए विद्युत उपकेंद्र का मुआयना किया। बारीकी से विद्युत लाइन, पटरियों को देखा। इसके बाद मुरादाबाद रवाना हो गए। उन्होंने इलेक्ट्रिक ट्रेन के लिए अभी हरी झंडी नहीं दी है।
मुख्य संरक्षा आयुक्त (नार्थ रेलवे)शैलेष पाठक, संरक्षा आयुक्त (सिग्नल एंड टेलीकॉम) राजमल खोईवाल, उप सीआरएस(इलेक्ट्रिकल)शैलाभ त्यागी ने सोमवार शाम काफूरपुर रेलवे स्टेशन का मुआयना किया। सीआरएस ने सबसे पहले रेलवे के लिए बनाए गए विद्युत उपकेंद्र को देखा। तमाम उपकरणों का मुआयना किया।
जहां पर भी थोड़ी सी खामी दिखी, रेल अफसरों को सही करने के निर्देश दिए। स्टेशन पर बिजली की लाइन और तारों का मुआयना किया। इसके बाद यहां पर पौधा लगाया। इस दौरान डीआरएम मुरादाबाद मंडल प्रमोद कुमार, सीपीडी अंबाला प्रमोद कुमार, संजीव कुमार एडीआरएम व पीके अग्रवाल भी साथ रहे।
सीआरएस ने काफी देर तक मुआयना किया, मगर इलेक्ट्रिक ट्रेन को हरी झंडी नहीं दिखाई। काफी देर रुकने के बाद मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए। सीआरएस के मुआयने के दौरान रेल अफसरों की सांसें अटकी रहीं।
अमरोहा में नहीं रूकी निरीक्षण स्पेशल
अमरोहा। रेलवे स्टेेशन का सीआरएस ने मुआयना नहीं किया, जबकि रेलवे के कर्मचारी और अधिकारी सुबह से ही मुआयने की तैयारी किए हुए थे। रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का सोमवार को मुआयने की तारीख निर्धारित की गई थी।
जिसके लिए कई दिन से स्टेशन को सजाने, संवारने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा था। सीआरएस ने सोमवार की शाम नजदीकी रेलवे स्टेशन काफूरपुर का मुआयना किया।
काफी देर तक रूके, नजदीकी रेलवे स्टेशन पर मुआयना करने के कारण अमरोहा स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारी भी एलर्ट रहे। इधर, कुछ देर बाद सीआरएस के मुआयना नहीं करने के संदेश पर तैयारियां धरी की धरी रह गईं। वे स्पेशल ट्रेन से सीआरएस मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए। स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ देखती रह गई।