उत्तर भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेले पर भले ही आंतकियों का साया मंडरा हो और सीधे लखनऊ से नजर रखी जा रही हो, मगर हकीकत में खाकी को इन सब बातों से जरा भी सरोकार नहीं है।
मेले पर नजर रखने के लिए लगाए गए वॉच टावर खाली पड़े हैं। ऐसे में बीस लाख स्नानार्थियों की सुरक्षा को खतरा पैदा होने के आसार हैं। सुरक्षा में मुस्तैद किए गए पुलिस कर्मी कुर्सियों पर बैठे आराम फरमाते नजर आ रहे हैं। वहीं नई उम्र के युवा सिपाही मोबाइल व्हाटसएप पर हर समय चिपके रहते हैं।श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर ध्यान नहीं है।
फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुए आतंकी हमले के बाद से तिगरी गंगा मेले में पर भी आतंकियों का साया मंडराने लगा है। कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले को लेकर शासन स्तर से अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
सूबे के पुलिस तंत्र की नजरें पश्चिमी यूपी पर गड़ गई हैं। आला अधिकारी खुद पल-पल की अपडेट दे हैं। एटीएस से लेकर खुफिया एजेंसी भी मेले पर नजर रखे हुए हैं। इसी के चलते तिगरी गंगा मेले पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
डीआईजी ओंकार सिंह मेले की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस प्रशासन को अलर्ट रहने की हिदायत दे चुके है, लेकिन खाकी की कार्यशैली में रत्तीभर भी बदलाव नहीं आया है जिसका नजारा जगह-जगह बनाए गए वॉच टावरों पर दिख रहा है।
जो खाली पड़े हैं और उन पर तैनात पुलिस कुर्सी पर बैठे आराम फरमाते दिखाई दे रहे हैं।अधिकांश टॉवर तो महज प्रचार का जरिया ही बनकर रह गए।
ऐसे में बीस लाख श्रद्धालुओं की सुरक्षा ताक पर रखी नजर आ रही है। मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब चरम पर पहुंच गया है। करीब बीस लाख श्रद्धालुओं के मेले में पहुंचने का अनुमान है।
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