डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पतेई खालसा में राम बारात रोकने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जबकि पुलिस ने नमाज के दौरान बैंडबाजा पहले ही बंद करा दिया था। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस की मौजूदगी में रामबारात निकाली गई। गांव में एहतियातन पीएसी तैनात कर दी गई है। देर शाम तक दोनों पक्ष कोतवाली में डटे थे।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पतेई खालसा में रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे राम बारात शोभायात्रा निकाली जा रही थी। शाम करीब पांच बजे जब राम बारात एक मस्जिद के पास पहुंची तो पुलिस ने नमाज का वक्त होने से बैंडबाजे बंद करा दिए और राम बारात गुजरने लगी। आरोप है कि, तभी मस्जिद से तमाम लोग बाहर निकल आए और रूट बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
राम बारात रोके जाने की सूचना पर दोनों पक्ष के लोग जमा हो गए और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रामलीला कमेटी के लोगों ने दावा किया कि हर बार राम बारात इसी रास्ते से निकाली जाती है। हालांकि पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर राम बारात को यहां से निकलवा दिया और दोनों पक्षों के करीब तीस-चालीस लोगों को कोतवाली बुला लिया। गांव में एहतियात के तौर पर पीएसी तैनात कर दी गई है।
कोतवाली निरीक्षक हर प्रसाद ने बताया कि, कुछ लोगों ने रूट बदलने की बात कहकर राम बारात को निकलने से रोका था। राम बारात सकुशल निकलवा दी गई है और दोनों पक्षों को वार्ता के लिए कोतवाली बुलाया गया है। लोगों को भड़काने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
लोगों को भड़काने वालों को चिह्नित करेगी पुलिस
जोया। पुलिस का मानना है कि गांव में विवाद कराने के इरादे से ही किसी व्यक्ति ने लोगों को भड़काया है। पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है। जांच करने के बाद इस प्रकरण में कार्रवाई की जाएगी। बताते हैं कि यहां के भूरा ने रामलीला कमेटी को 21 हजार रुपये दान में दिए थे और राम बारात में भोज की व्यवस्था भी की थी। इस कारण किसी दूसरे पक्ष ने सांप्रदायिकता की चिंगारी को भड़काने की कोशिश की है।