पिछले साल का गन्ना बकाया भुगतान न होने और मौजूदा सीजन का रेट घोषित न होने से किसानों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। दूसरे दिन भी किसानों के तेवर तीखे रहे।
किसानों ने जहां गन्ना फूंककर प्रदेश सरकार का विरोध जताया वहीं बेलवाड़ा चीनी मिल के कई सेंटर पर तौल ठप करा दी। किसानों ने चेताया कि जब तक भुगतान नहीं होगा और गन्ना रेट घोषित नहीं होगा, गन्ना तौल नहीं होने देंगे। तौल नहीं होने से कई सेंटर पर ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन लगी रहीं।
किसानों ने रविवार को बेलवाड़ा शुगर मिल के खरीद केंद्र नाजरपुर खुर्द पर खरीद बंद करा दी थी। सेंटर इंचार्ज को रस्सी से बांध डाला था। अब रविवार को दूसरे दिन नाजरपुर खुर्द के केंद्र पर गन्ना फूंक कर सरकार का विरोध जताया।
बोले कि, जब भुगतान नहीं मिल रहा है तो गन्ने का क्या करेंगे। चीनी मिल लगातार खरीदारी तो कर रही हैं, लेकिन भुगतान के नाम पर चुप है। इस साल की तो बात दूर पिछले साल का भी मिल चार करोड़ रुपये दबाए बैठी है।
जब तक गत वर्ष का भुगतान नहीं मिलेगा, तौल नहीं चलने दी जाएगी। मिल अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। कह दिया भुगतान से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
इस दौरान नरेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, ऋषिपाल सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अजीज खां, राजेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, समरपाल सिंह, अली हसन, अजब सिंह, वाजिद खां, सोनू आदि किसान मौजूद थे।
इन खरीद केंद्रों पर नहीं होने दी तौल
बेलवाड़ा चीनी मिल मालिकों के झूठे आश्वासनों से नाराज किसानों ने मऊमय चक, घंसूरपुर, नगलिया, गुलड़िया, अहरोई खरीद केंद्रों पर दूसरे दिन भी गन्ने की तौल नहीं चलने दी।
सेंटर छोड़ भागा इंचार्ज
नाजरपुर खुर्द गांव के खरीद केंद्र पर दूसरे दिन किसानों ने कहा कि वह अब मिल के झूठे आश्वासन में आने वाले नहीं हैं। किसानों का उग्र रूप देख सेंटर इंचार्ज गंगाराम वहां से भाग गए।
ज्ञात हो कि शनिवार को किसानों ने उसे रस्सी से बांध दिया तथा कांटे की कमानी निकाल ली थी। जिसके कारण वह पूरी तरह से डर गया है। जिसके कारण किसानों को सेंटर पर आते देख फरार हो गया।