अपनी इसी खूबी की वजह से बाबा दुनिया के 19 देेेेशों में चर्चित हैं और पगड़ी प्रतियोगिता में जीत हासिल कर चुके हैं। बाबा का मेन ठिकाना जीत में मिली जीप है। नगर कीर्तन के अवसर पर नगर में पहली बार आए बाबा बलवंत सिंह यहां भी चर्चा में रहे।
हरियाणा के यमुना नगर जिले के गांव मछरौली में पैदा हुए 61 वर्षीय बलवंत सिंह का रुझान शुरू से ही धार्मिक गतिविधियों में रहा। युवा होते होते बलवंत सिंह को अलग तरीके से पगड़ी बांधने का शौक लग गया। शुरु में उन्होंने 32 किलो भार की पगड़ी अपने सिर पर धारण की। अब वह 85 किलोग्राम की पगड़ी धारण कर रहे हैं। पगड़ी को लेकर होने वाली प्रतियोगिताओं की वजह से वह बाबा बलवंत सिंह हो गए।
बलवंत सिंह ने बताया कि वह पगड़ी प्रतियोगिता में दुनिया के 19 देशों में जीत हासिल कर चुके हैं। वह अधिकांश समय प्रतियोगिता में मिली जीप में ही गुजारते हैं। उनकी पगड़ी में 800 मीटर कपड़ा लगता है। उनका कहना है कि एक धार्मिक अनुष्ठान की वजह से वह 12 साल तक इस पगड़ी को धारण करेंगे।