बता दें कि 16 फरवरी वर्ष 1988 में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली
लगने से क्षेत्र के पांच किसानों की मौत हो गई थी। इसमें अतरासी की मढैया
के जगत सिंह, मोहम्मदपुर के गजराम सिंह, फरीदपुर के राम चरन सिंह, अखबंदपुर
के दौलत सिंह, मौसमपुर के होशियार सिंह शामिल हैं।
इस दिवस को किसान शहीद
दिवस के रूप में मनाते हैं। भाकियू पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने बुधवार
शहीद स्मारक पर पहुंचकर किसानों को श्रद्घांजलि देते हुए याद किया। इनके
अलावा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, किसानों के मसीहा महेंद्र सिंह
टिकैत, चौधरी करतार सिंह की प्रतिमा पर भी पुष्प अर्पित किए गए।
वक्ताओं ने
उनके जीवन पर प्रकाश डाला। यहां, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय
उपाध्यक्ष चौधरी विजय पाल सिंह, सांसद कंवर सिंह तंवर, भारतीय किसान यूनियन
(भानु) के प्रांतीय महासचिव चौधरी दिवाकर सिंह, भगवान सिंह, भगवंत सिंह,
शीशपाल, जयपाल, रामपाल, महेश कुमार, डूंगर सिंह, सतेंद्र कुमार, बिजेंद्र
कुमार आदि मौजूद रहे।