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क्रिकेटर शमी के भाई को थाने से जमानत

Fri, 15 Jan 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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पुलिस पार्टी पर हमला कर गोकशी के अरोपी को छुड़ाने में गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के भाई हसीब अहमद को बृहस्पतिवार दोपहर मेडिकल ग्राउंड पर कोतवाली से जमानत दे दी गई।
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उसे रातभर हवालात में रहने से ठंड लग गई थी और जिला अस्पताल से दवा दिलाई गई थी। वहीं यह भी चर्चा है कि, सिफारिशों के बाद जमानत की भूमिका तैयार की गई थी।

डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव सहसपुर अलीनगर के रहने वाले मो. शमी के बड़े भाई हसीब अहमद समेत बाबू पुत्र वाहिद, तहजीब पुत्र छिद्दा, सईम पुत्र हमीद के खिलाफ बुधवार रात एसआई प्रदीप भारद्वाज ने तहरीर दी थी।
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इसके बाद पुलिस पार्टी पर हमलाकर 18 अक्तूबर से गोकशी के मामले में वांछित रिजवान पुत्र तहसीन को छुड़ाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और पुलिस ने गाड़ी भी सीज कर दी थी।

बृहस्पतिवार को हसीब अहमद को सीजेएम कोर्ट में पेश करना था, लिहाजा पुलिस मेडिकल के लिए उसे लेकर जोया सीएचसी लेकर पहुंची। यहां हसीब अहमद को उल्टियां होने लगीं, कई बार जमीन पर भी गिरा।

इस पर सीएचसी से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां डाक्टर ने उसका चेकअप किया और दवाई दी। बताया जा रहा है कि, हसीब अहमद को रातभर हवालात में रहने के कारण ठंड ने जकड़ लिया था। दोपहर करीब एक बजे मेडिकल ग्राउंड के कारण हसीब को कोतवाली से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया।

हीटर के लिए रातभर कोतवाली में चला जेनरेटर
अमरोहा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के बड़े भाई को गोकशी के वांक्षित को छुड़ाने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था, सो हसीब को रातभर कोतवाली में बीतानी थी।

मगर, उसके रसूख को देखते हुए बत्ती गुल होने पर कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पहले ही इंतजाम कर लिए गए थे। हसीब को जिस कमरे में रखा गया था, वहां हीटर जलाने के लिए कोतवाली में रातभर जेनरेटर चलाया गया। बावजूद इसके हसीब अहमद को ठंड ने जकड़ लिया।

संगीन धाराओं में दो गैरजमानती धाराएं
अमरोहा। जनपद न्यायालय के अधिवक्ता चमन लाल ने बताया कि हसीब अहमद पर जो धाराएं लगाईं गईं हैं, वह सभी संगीन हैं। लेकिन इनमें दो धाराएं गैरजमानती हैं। कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेजा जा सकता था, लेकिन पुलिस विशेष परिस्थितियों में जमानत भी दे सकती है।

यह है प्रक्रिया-
विशेष परिस्थिति यानी बीमार होने पर हसीब अहमद को संगीन धाराओं में कोतवाली से जमानत मिल गई। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वह कोर्ट में पेश होने से बच गए।

कानूनविदों की माने तो कोतवाली से जमानत देने के बाद पुलिस कोर्ट में केस की चार्जशीट पेश करेगी। इसके बाद कोर्ट समन जारी करने की प्रक्रिया को अमल में लाएगी। आरोपी को जमानत के लिए कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। जेल भेजा जाएगा या फिर जमानत दे दी जाएगी, यह कोर्ट पर निर्भर करता है।
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