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स्कूल प्रबंधन को कटघरे में खड़े कर रहे कई सवाल

Thu, 03 Mar 2016 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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केएसके एकेडमी में छात्र दीपेंद्र की हत्या के मामले में तीसरे दिन भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पुलिस छानबीन करके घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए तो तमाम कोशिश कर चुकी है, लेकिन जिले में ही छिपे हुए हत्या के आरोपी प्रबंधक पुत्र रिंकू, प्रधानाचार्य और वार्डन को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही तफ्तीश की दिशा तय हो सकेगी। क्योंकि छात्र की हत्या के बाद कई सवाल स्कूल प्रबंधन को ही कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।

केएसके एकेडमी में 29 फरवरी को छात्र दीपेंद्र का शव परिजनों को चारपाई पर रखा मिला था। उसके हाथों में कमर पर किसी धारदार हथियार से काटे हुए के निशान थे। गले में भी जख्म था। परिजनों ने देखा तो स्कूल प्रबंधन ने छात्र की मौत के बाद उसे नहलाकर चारपाई पर लिटा दिया था।

खून वगैरह भी साफ किया हुआ था। परिजनों को बताया गया था कि दीपेंद्र का शव ऊपर बिल्डिंग में एक कमरे में चादर से फांसी पर लटका हुआ था। जब फांसी पर लटका था तो उसे कैसे और क्यों उतारा गया? उसे नहलाया क्यों गया? परिजनों को सूचना देकर प्रबंधन और प्रधानाचार्य फरार क्यों हुए? ऐसे तमाम सवाल प्रबंधन को शक के दायरे में ला रहे हैं।
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जिस कमरे में दीपेंद्र फांसी पर लटका बताया जा रहा है वहां की कंडीशन भी ऐसी नहीं लग रही है कि अकेले ऊंची अलमारी पर चढ़कर वह फांसी लगा सकेगा। अलमारी का ऊपर अधिक पिचका होना साबित कर रहा है कि दीपेंद्र से भी भारी भरकम कोई व्यक्ति उस पर जरूर चढ़ा होगा।

हत्या का मुकदमा दर्ज है, लेकिन फिर भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने से बच रही है। इससे पुलिस का झुकाव पीड़ित पक्ष की ओर न होकर अभियुक्त पक्ष की ओर प्रतीत हो रहा है।

पीएम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि
गजरौला। केएसके एकेडमी के छात्र दीपेंद्र उर्फ दीपू की हत्या का मामला अभी सुलझा नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से दीसू की मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ गई है, मगर हत्या या आत्महत्या? पुलिस तय नहीं कर पा रही है।  


खादगूजर रोड स्थित केएसके एकेडमी के 12वीं कक्षा के छात्र दीपेंद्र उर्फ दीसू की लाश 29 मार्च की दोपहर में एकेडमी कैंपस में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित पिता महेंद्र सिंह निवासी गांव लंबिया थाना रजबपुर की ओर से प्रबंधक रिंकू पुत्र नरेंद्र सिंह चाहल व हॉस्टल वार्डन और प्रधानाचार्य के खिलाफ हत्या का अभियोग पंजीकृत कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

जिस कमरे में दीसू की लाश लटकी बताई जा रही है, पुलिस ने उस कमरे के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली। लेकिन आत्महत्या जैसी पुष्टि नहीं हो सकी। जिससे पुलिस को पीएम रिपोर्ट आने का इंतजार था। पीएम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है।
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आखिर दम कैसे घुटा? दीसू की हत्या कर उसे फंदे पर लटकाया गया या फिर दीसू ने स्वयं फंदे पर लटक कर जान दे दी। पुलिस कई सवालों के जवाब खोज रही है।

पीएम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। हत्या या आत्महत्या? स्पष्ट नहीं हो सका है। छानबीन जारी है।  
-उपेंद्र यादव थानाध्यक्ष गजरौला

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