सर्दी के तेवर नर्म होने का नाम नहीं ले रही है। दूसरे दिन भी सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। कड़ाके की सर्दी और शीतलहर से लोग ठिठुरते रहे। हाथ पांव सुन्न रहे, ठंड से लोग कांपते नजर आए। जिंदगी की रफ्तार को ब्रेक लगी रही।
सर्दी से बचने के लिए लोग घरों में कैद रहे और जरूरी कार्य से बाहर निकले। घना कोहरा छाए रहने से नेेशनल हाईवे पर वाहन रेंग-रेंग कर चले।
बृहस्पतिवार को सूर्य देव बादलों की ओट में छिपे रहे। सुबह दस बजे तक क्षेत्र में घने कोहरे की चादर छाई रही। कोहरे के कारण नेशलन हाईवे पर वाहन रेंग-रेंग कर चले। वहीं रोडवेज बस और ट्रेनों का संचालन लड़खड़ाया रहा।
बसें ट्रेन अपने निर्धारित समय से संचालित नहीं हो पाईं। इससे मुसाफिरों को परेशानी हुई। कार्यालयों में भी सर्दी का असर दिखा। ठंड से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा तो बाजार में चलहकदमी कम रही।
दिल और श्वास रोगी रखें ध्यान
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. पीके बंसल का कहना है कि सर्दी में दिल और श्वास रोगी को ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है। सर्दी में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए लापरवाही न बरतें, गर्म कपड़े पहनें रहें, सिर पर गर्म कैप, मोजे, दस्ताने अवश्य पहनें। सर्दी में बाहर जाने से बचें, मार्निंग वाक करने की जरूरत नहीं है। ठंडे व खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। गर्म पानी का सेवन करें।
सर्दी से बच्चे निमोनिया की चपेट में आए
अमरोहा। बढ़ती सर्दी बुजुर्गों और बच्चों पर भारी पड़ने लगी है। पांच साल तक के बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों में पसली चलने और तेज-तेज सांस लेने की शिकायत बढ़ती जा रही है। वहीं विंटर डायरिया से भी बच्चे पीड़ित हैं।
अमरोहा सीएचसी प्रभारी डा. ईदरीश ने बताया कि सर्दी के चलते बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों में सर्दी से लड़ने की क्षमता कम होती है। इसलिए वह जल्द बीमार होते हैं। सर्दी से बच्चों का बचाव करें। बच्चों को पूरी तरह से गर्म पकड़े पहनाकर रहें।