जिला बनने के बाद अमरोहा जनपद को जहां प्रदेश सरकार ने तमाम सरकारी भवन दिए विभागों की बढ़ोतरी हुई। एक तहसील को जिला मुख्यालय बनने में ज्यादा वक्त नहीं लगा, लेकिन भारतीय रेल ने अभी तक अमरोहा जैसे पुराने स्टेशन को जिला मुख्यालय जैसा स्टेशन ही नहीं माना है।
आमदनी बढ़ी है, लेकिन सुविधाओं का टोटा है। हां कदम-कदम पर खतरे जरूर हैं। फुटओवर ब्रिज नहीं होेने के कारण बच्चे भी ट्रैक पार करके स्कूल जाते हैं। श्मशान भूमि तक जाने का रास्ता रेलवे ने नहीं दिया है।
इस कारण शवयात्राएं भी ट्रैक पार करके ही ले जाई जाती हैं। रेलवे क्रासिंग को मुकम्मल रूप से बंद नहीं किए जाने के कारण लोग क्रासिंग पार करने को मजबूर हैं। ओवरब्रिज पर सीढ़ियां रेलवे ने ही नहीं बनाई हैं।
इस तरह से उत्तर रेलवे ने अमरोहा को कोई सौगात नहीं दी है। रविवार को रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा अमरोहा आ रहे हैं, वे यहां निरीक्षण भी करेंगे। शायद अमरोहावासियों की इन समस्याओं पर भी गौर करें। सुरक्षा के लिहाज से यहां राजकीय रेलवे थाना और रेलवे सुरक्षा बल थाना की भी जरूरत है।
श्मशान घाट जाने को बने अंडरपास
अमरोहा शहर का श्मशान घाट रेलवे स्टेशन के पास है। लेकिन, यहां जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। रेलवे ने सभी रास्ते बंद कर रखे हैं। शवयात्रा को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से होकर ट्रैक पार करके श्मशान तक ले जाना होता है।
इससे कभी हादसा हो सकता है। रेलवे अफसर इस समस्या के समाधान पर कुछ बोलेने के बजाय सिर्फ ट्रैक पार करना रेल कानून के मुताबिक अवैध बताते हैं। सामाजिक संगठन भी श्मशान जाने वाले रास्ते के लिए अंडरपास बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन रेलवे के अफसरों ने एक प्रस्ताव तक रेल मंत्रालय तक नहीं भेजा है।
मजबूरी: नन्हे-मुन्ने भी ट्रैक पार कर जाते हैं स्कूल
रेलवे लाइन को पार करके सुबोधनगर, पुष्करनगर, बादावाला, बम्बूगढ़, कल्याणपुरा जैसी कालोनी हैं। रेलवे ने कोई बाहरी फुट ओवरब्रिज नहीं बनाया है। इस कारण बच्चों को स्कूल जाने-आने वाले बच्चों को ट्रैक पार करना होता है।
जोया मार्ग का ओवरब्रिज है लेकिन उस पर हैवी ट्रैफिक के कारण बच्चों का निकलना जोखिम भरा रहता है। इस बड़े ओवरब्रिज पर सीढ़ियों की जगह छूटी हुई है। रेलवे ने जब अपने हिस्से का ब्रिज तैयार किया तो यह सीढ़ियां भी नहीं बनाईं। इससे लोगों को मजबूरन ट्रैक को पार करके जाना पड़ता है।
मुकम्मल तौर पर बंद नहीं किया क्रासिंग
रेलवे ने जोया मार्ग पर ओवरब्रिज बनने के बाद भी नीचे क्रासिंग को मुकम्मल तौर पर बंद नहीं किया है। इस कारण लोग साइकिल, मोटर साइकिल निकालते रहते हैं। इसके चलते हादसों में कई की जान भी जा चुकी है। लेकिन क्रासिंग को बंद नहीं किया गया है। रेलवे अधिकारी भी हादसों के बाद भी सबक लेने को तैयार नहीं दिखते हैं।
सुलभ शौचालय और एटीएम की सुविधा भी नहीं
अमरोहा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुलभ शौचालय का भी निर्माण नहीं कराया गया है। इससे महिला यात्रियों को खासी असुविधा होती है।
वहीं एटीएम पर स्टेशन नहीं होने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रेलवे जिला मुख्यालय के स्टेशनों पर ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा करता है। स्टेशन पर साइकिल स्टैंड भी नहीं है, जबकि रेलवे के पास पर्याप्त जगह है, जहां साइकिल स्टैंड बन सकता है।
आज आएंगे रेल राज्यमंत्री, तैयारियां पूरी
अमरोहा। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा रविवार को अमरोहा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करेंगे। वह गुवाहाटी एक्सप्रेस में स्पेशल कोच से अमरोहा पहुंचेंगे। उनके साथ सांसद कंवर सिंह तंवर भी होंगे। सुबह 10.30 बजे अमरोहा पहुंचने के बाद स्टेशन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद रेल मंत्री गांव चोटीपुरा में स्थित श्रीमद दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय में गोशाला का शिलान्यास करेंगे। रेलवे स्टेशन को रेल राज्यमंत्री के आगमन के कारण चमकाया जा रहा है। शनिवार को भी दिनभर काम चलता रहा।