ग्राम प्रधानों का कार्यकाल रविवार को पूरा हो गया। जिले के 484 ग्राम प्रधान अब भूतपूर्व प्रधान कहलाएंगे। ये पंचायतों के कार्यों में अब हस्तक्षेप नहीं कर सकेंगे।
नई पंचायतों के गठन तक प्रधानों के कार्यों को प्रशासक देखेंगे। एडीओ पंचायतों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। जिले में छह प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे।
वर्ष 2010 में ग्राम प्रधान चुनाव कराए गए थे। सात नवंबर से प्रधानों का कार्यकाल शुरू हुआ था। शनिवार को प्रधानों के कार्यकाल को पांच साल पूरे हो गए हैं। जिले के 484 ग्राम प्रधानों के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार समाप्त हो गए हैं।
पंचायतों के कार्यों में अब प्रधानों का कोई दखल नहीं रहेगा। नए पंचायतों के गठन तक प्रशासक की निगरानी में पंचायतों में विकास कार्य कराए जाएंगे। एडीओ पंचायतों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। प्रत्येक ब्लाक पर एक प्रशासक रहेगा। जिले में छह प्रशासक नियुक्ति किए जा रहे हैं।
नए परिसीमन के बाद जिले में 117 ग्राम पंचायतें और बढ़ गई हैं। 117 ग्राम पंचायतें बढ़ने अब जिले में 601 ग्राम पंचायत हो गई हैं। इसमें से 117 ग्राम पंचायतों में पहली बार चुनाव होगा।