जुबिलेंट कंपनी के गेस्ट हाउस के बंद कमरे में सोमवार को तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में आखिरकार सपा के दोनों गुटों में सुलह हो गई।
इसी के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित होने के बाद कैबिनेट मंत्री महबूब अली और पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रपाल सिंह के बीच उभरा मतभेद भी खत्म हो गया।
अमरोहा में पार्टी के पर्यवेक्षक कैबिनेट मंत्री साहब सिंह की मौजूदगी में समझौते के बाद चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी को मिलकर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ाने की सहमति बन गई। अब पार्टी के सभी क्षेत्रीय दिग्गज एकजुट होकर एक जनवरी को रेनू चौधरी का नामांकन कराएंगे।
जनपद अमरोहा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव सात जनवरी को होगा, एक जनवरी को नामांकन होगा। बता दें कि समाजवादी पार्टी ने पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री महबूब अली की पत्नी सकीना बेगम को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का घोषित कर दिया था।
इसके बाद कैबिनेट मंत्री महबूब अली के खेमे में चुनाव की तैयारियां शुरू हो गईं थीं। इधर, अगले दिन ही पार्टी हाईकमान ने फैसला बदलते हुए सकीना बेगम की जगह पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रपाल सिंह की पुत्रवधू रेनू चौधरी को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
इससे दोनों खेमों के मतभेद उभरकर सामने आ गए। इसी बात को लेकर कैबिनेट मंत्री महबूब अली और पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रपाल सिंह के बीच मनमुटाव के चलते दूरियां बढ़ने लगीं, मामला जब पार्टी हाईकमान तक पहुंचा तो सोमवार को जुबिलेंट कंपनी के गेस्ट हाउस में कैबिनेट मंत्री साहब सिंह की अगुवाई में समझौता वार्ता हुई।
इसमें कैबिनेट मंत्री महबूब अली, पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रपाल सिंह, उनके पुत्र सरजीत सिंह और कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर शामिल हुए। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक हुई वार्ता के बाद आखिरकार सुलह हो गई और मिलकर रेनू चौधरी को चुनाव लड़ाए जाने पर सहमति बनी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विजय पाल सैनी, मंडी धनौरा के विधायक एम चंद्रा भी मौजूद रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी को लेकर कैबिनेट मंत्री महबूब अली और पूर्व कैबिनेट मंत्री व पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह के बीच चल रहा मतभेद अब समाप्त हो गया है। पार्टी एकजुट है, मुख्यमंत्री के आदेश और पार्टी से ऊपर कोई नहीं है। इस समझौता वार्ता के बाद तरह-तरह की हो रही चर्चा अब खत्म हो गई है। क्षेत्र के सभी दिग्गज एकजुट होकर एक जनवरी को रेनू चौधरी का जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कराएंगे।
- साहब सिंह, कैबिनेट मंत्री