जैन समाज के पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन दिगंबर जैन मंदिर में जिनवाणी का पाठ हुआ। इसमें श्री पार्श्वनाथ का गुणगान किया और भगवान महावीर को नमन कर पूजा अर्चना की। शाम को बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सोमवार को मोहल्ला कोट व कूचा खत्रियान स्थित जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इसमें सुबह सात से नौ बजे तक पूजा-अर्चना हुई। इसके बाद दशलक्षण धर्म की पूजा की गई। लोगों ने भगवान महावीर, आदिनाथ भगवान व अजितनाथ भगवान को नमन किया और महिलाओं ने जिनवाणी का पाठ किया। इसमें श्री पार्श्वनाथ का गुणगान किया और परिवार में सुख समृद्धि की कामना की।
शाम को बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। भजनों की धुन पर श्रद्धालु झूम उठे। महाराज महेंद्र शास्त्री ने कहा कि समाज में सुख शांति प्राप्त करना चाहते हैं तो हमें अहंकार को त्यागकर समता का भाव धारण करना होगा। तभी समाज की उन्नति संभव है। उन्होंने कहा कि हमें धर्म की प्राप्ति करने के लिए उत्तम मार्दव धर्म की प्राप्ति का निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
अतुल जैन, रविंद्र जैन, सुमत जैन, विनीत जैन, सिद्धार्थ जैन, राकेश कुमार सोनी, दीपक जैन, शुभम जैन, संयम जैन, विभोर जैन, सीमा जैन, शशि जैन, शोभा जैन, सुषमा जैन, उषा जैन, सरिता जैन, नीरा जैन, शुचि जैन, छाया जैन आदि श्रद्धालु रहे।