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सीएचसी में गंदगी पर चढ़ा ज्वाइंट डायरेक्टर हेल्थ का पारा

Tue, 19 Jan 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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संयुक्त स्वास्थ्य निदेशक(ज्वाइंट डायरेक्टर, हेल्थ) डॉ. एसपी अग्रवार सोमवार को औचक निरीक्षण पर गजरौला सीएचसी पहुंच गए। यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बेहाल होने और गंदगी पर उनका पारा चढ़ गया।
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इस पर स्टाफ को फटकार लगाई और जल्द ही अव्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। पूछताछ के दौरान जेनरेटर सही होने की गलत जानकारी देने पर भी नाराजगी जताई।

डिवीजनल एकाउंट मैनेजर कलौल पॉल के साथ ज्वाइंट डायरेक्टर डा. एसपी अग्रवाल करीब एक बजे सीएचसी पहुंचे। यहां चिकित्सा अधीक्षक डा. दिनेश खत्री के रूम में स्टाफ के उपस्थिति रजिस्टर से विवरण चेक किया।
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संविदाकर्मियों की बाबत भी पूछताछ की। चिकित्सा अधीक्षक नदारद मिले। इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर और टॉयलेट में फैली गंदगी पर नाराजगी जताई। बाद में एलोपैथिक और आयुर्वेद भंडार गृह में दवाओं का विवरण लिया।

महिला ओपीडी का भी निरीक्षण किया। यहां स्पेशलिस्ट की तैनाती न होने से नसबंदी ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने की जानकारी मिली। डिलीवरी के लिए इमरजेंसी ट्रे में दवाएं चेक की। जरूरी इंजेक्शन ट्रे में उपलब्ध नहीं होने पर फटकार लगाई।

कहा कि जब तक ताला खोल कर इंजेक्शन निकाला जाएगा तब तक जच्चा-बच्चा की जान पर बन सकती है। साथ ही एएसबी इंजेक्शन उपलब्ध न होने पर बाजार से खरीदने की नसीहत दी। चाइल्ड वार्ड में ऑक्सीजन सिलेंडर लीक मिलने पर भी नाराजगी जताई।

बाद में बिजली व्यवस्था और जेनरेटर के संबंध में जानकारी ली। स्टाफ के जेनरेटर सही होने की गलत जानकारी देने पर नाराजगी जताई। सूचना पट पर जेनरेटर खराब होने की सूचना लगी थी और चेक करने पर जेनरेटर खराब निकला। जल्द ही जेनरेटर ठीक कराने के लिए निर्देश दिए। मेडिकल ऑफिसर्स के छह क्वार्टर्स में एक की हालत जर्जर पाई गई।

तीन जनवरी से नदारद चल रहे हैं चिकित्साधीक्षक
गजरौला। चिकित्सा अधीक्षक डा. दिनेश खत्री तीन जनवरी से अस्पताल से नदारद चल रहे हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर ने जब उपस्थिति रजिस्टर चेक किया तो तीन जनवरी से चिकित्सा अधीक्षक की उपस्थिति दर्ज नहीं थी। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। कहा कि इसकी रिपोर्ट भी अमरोहा के सीएमओ को भेजी जाएगी।

नहीं खुल सका कमरा नंबर पच्चीस का राज
गजरौला। ज्वाइंटर डायरेक्टर हेल्थ के निरीक्षण में चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय के सामने स्थित कमरा नंबर 25 का राज, राज ही बन कर रह गया। कमरे में ताला लटका था।

पूरे निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट डायरेक्टर स्टाफ से कमरा खोलने के लिए चाबी लाने को कहते रहे। लेकिन स्टाफ कोई न कोई बहाना बना कर टालमटोल करता रहा। अंत में यह कह कर टाल दिया गया कि चाबी गुम हो गई है। आखिरकार कमरे में था क्या ये स्पष्ट नहीं हो सका।
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