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ऐ दोस्त, इब्ने साकिए कौसर हुसैन हैं...

Sat, 24 Oct 2015 12:20 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
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इमामबाड़ा अजाखाना शम्स अली खां से शुक्रवार की शाम करीब चार बजे जोड़ियों का जुलूस बरामद हुआ। इसमें अजादारों ने रंग-बिरंगी जोड़ियों उठा रखी थीं। जुलूस में अजादारों ने मर्सिया ख्वानी की। ..ऐ दोस्त इब्ने साकिये कौसर हुसैन हैं, जाने बतूल सिब्ते पयम्बर हुसैन हैं पढ़ा है।
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जुलूस मंडी चौब के बाद बाबा गंगानाथ मंदिर के सामने से होता हुआ, जट बाजार, नियाजियान से होकर मोहल्ला कटकुई स्थित इमामबाड़ा दोस्त अली पहुंचकर समाप्त हुआ। शनिवार की सुबह दस बजे जोड़ियों का जुलूस वापस इमामबाड़ा शम्स अली पहुंचेगा।

जुलूस में अंजुमन तहफुज्जे अजादारी के सदर सिब्ते जमाल, जनरल सेक्रेटरी ताहिर अब्बास, खलाक हैदर, कसवर रजा, समर अली, शफाखत हुसैन, सिकंदर रजा, सिब्ते जरगम, वकार हसनैन खां, बाकर रजा नकवी, रजा कमाल, आलीम रजा, शीमम नजर तथा अंजुमने असगरी के शजर कमाल, आफताब हसनैन, हसन मुख्तार, मौ. हैदर, आसिफस अली नकवी, अफजाल मोहम्मद, शुजात अली, मुजाहिद अब्बास, मुदस्सीर अली खां, युसुफ अली खां, नाजिम हुसैन, विलायत अली आदि रहे। जुलूस का संचालन अंजुमन रजाकाराने हुसैनी ने किया।
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