जिला पंचायत चुनाव की तरह प्रधान पद के चुनाव में भी विकास खंड के अतिसंवेदनशील प्लस और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के निशाने पर रहे।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में उनके साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने मतदान अभिकर्ताओं और मतदाताओं की जमकर पिटाई की। इससे दिन भर मतदाताओं व मतदान अभिकर्ताओं में भय बना रहा।
ग्राम चुचैला कलां में मतदान केंद्र से निर्धारित दूरी से भी दूर खड़े ग्रामीणों की एक दरोगा ने पिटाई कर दी। इस पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप था कि अधिकारियों की शह पर पुलिसकर्मियों ने पिटाई की है। चुचैला कलां के अलावा कुआखेड़ा, ढयोटी आदि गांवों में भी पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों व पोलिंग एजेंटों पर डीएम व एसपी की मौजूदगी में जमकर लाठी बरसाई।
कुआखेड़ा में लाइन में खड़े होने में असमर्थता जताने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग की पिटाई कर दी गई। मतदान केंद्रों से सटे घर में मौजूद दो युवकों को पीटने के बाद पुलिस साथ ले गई।
तहसील क्षेत्र में 31 अतिसंवेदनशील प्लस व 74 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र बनाए गए थे। शांतिपूर्ण मतदान के लिए तहसील क्षेत्र को चार जोन व 14 सेक्टर में बांटा गया था। 27 स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए थे।