मौसम ने एक बार फिर करवट ली है, तीन दिन से मौसम बेहद सर्द है। स्टेशन और रोडवेज पर रात के वक्त आने वाले राहगीर परेशान हैं और पालिका के रैन बसेरे पर ताले लटके हैं। यह हाल तब है जबकि, रैनबसेरा बनाने में पालिका ने खानापूर्ति कर डाली है।
पिछले तीन दिन से मौसम खराब है। कंपकपाने वाली सर्दी पड़ रही है। शुक्रवार को दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हो सके। ठंड के कारण बहुत कम लोग ही घरों से बाहर निकल सके। इधर रात के वक्त ट्रेन और रोडवेज बस से शहर में आने वाले राहगीरों को ढूंढने के बावजूद रैनबसेरे नहीं मिल रहे हैं।
रात के समय घर से रिक्शा चलाने निकलने वाले मजदूरों की हालत भी सर्दी से खराब है, बावजूद इसके निजाम बेपरवाह है। हाल यह है कि, नगर पालिका परिषद ने रैन बसेरे के नाम पर जन्म मृत्यु अनुभाग कक्ष की एक अलमारी के ऊपर छह-सात लिहाफ रख दिए गए हैं।
लिपिकीय कार्य होने के कारण यह कक्ष हर वक्त खुला नहीं रह सकता। क्योंकि इस कक्ष में जन्म-मृत्यु का रिकार्ड मौजूद है। जबकि रेनबसेरा को 24 घंटे खोलने के आदेश हैं। लेकिन जन्म मृत्यु अनुभाग में दफ्तर बंद होने के समय के साथ ही ताला डाल दिया जाता है। कुर्सी, मेज और अलमारी ने पूरा कक्ष घेर रखा है, ऐसे में कक्ष खोल भी दिया जाए, तो राहगीर लेटेंगे कहां।
पालिका के एक कक्ष में रैनबसेरा बनाया गया है। पिछली बार भी रैनबसेरा में कोई नहीं ठहरा था। पालिका अपनी जिम्मेदारी को निभा रही है। लिहाफ वितरण के बाद सभासदों से मोबाइल नंबर के साथ लिस्ट मांगी गई है।
अफसर परवेज चेयरमैन