किसानों की ओर से धरना-प्रदर्शन के बाद भी चीनी मिलें गन्ना किसानों का पिछले वर्ष का भुगतान नहीं कर रही हैं। इससे आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों का धैर्य जवाब देने लगा है।
बेलवाड़ा स्थित राणा शुगर मिल पर किसानों का चार करोड़ रुपये बकाया है और बार-बार आश्वासन के बाद भी कुछ नहीं दिया गया। इसपर शनिवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।
नाराज किसान राणा शुगर मिल बेलवाड़ा के गन्ना खरीद केंद्र नाजरपुर खुर्द पर जा धमके। यहां गुस्साए किसानों ने कांटे की कमानी निकाल ली और गन्ने की तौल बंद करा दी। सेंटर इंचार्ज गंगाराम ने तौल बंद कराने का विरोध किया तो किसान और भड़क उठे।
किसानों ने सेंटर इंचार्ज को रस्सी से बांध डाला। तीन-चार घंटे बाद जब मिल के अधिकारी पहुंचे तो उन्होंने जल्द भुगतान कराए जाने का आश्वासन देकर सेंटर इंचार्ज को बंधनमुक्त कराया।
इस दौरान नरेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, ऋषिपाल सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अजीज खां, राजेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, समरपाल सिंह, अली हसन, अजब सिंह, वाजिद खां, सोनू आदि किसानों ने कहा कि जब तक भुगतान नहीं होगा, न तो तौल चलने देंगे।
इन खरीद केंद्रों पर भी कराई तौल बंद
बेलवाड़ा चीनी मिल मालिकों के झूठे आश्वासनों से नाराज किसानों ने मऊमय चक, घंसूरपुर, नगलिया, गुलड़िया, अहरोई खरीद केंद्रों पर भी गन्ने की तौल बंद करा दी।
चीनी मिलों के खिलाफ बेहद खफा किसानों ने कहा कि जब तक बकाया भुगतान नहीं हो जाता, वह तौल नहीं चलने देंगे। मिल अधिकारियों के जल्दी भुगतान के आश्वासन पर किसानों ने तौल चलने दी।