थाना क्षेत्र के गांव दिसौरा के निकट बह रही रामगंगा पोषक नहर में बुधवार दोपहर एक महिला ने पुल से नीचे छलांग लगा दिया। बताया जाता है कि महिला की गोद में एक बच्ची भी थी। सूचना पर वहां भीड़ लग गई। ग्रामीण गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कराई गई, मगर कोई फायदा नहीं मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस को पुल पर महिला को थैला मिला है। इसके अलावा प्रशिक्षित गोताखारों को महिला की तलाश के लिए बुलाया गया है। उधर, देर शाम मौके से मिले थैले और सामान के आधार पर उसकी शिनाख्त बछरायूं थाना क्षेत्र के गांव ढयोटी निवासी महाराज सिंह की पत्नी प्रवेश के रूप में की गई। उसकी उम्र 32 वर्ष और बच्ची की उम्र तीन साल बताई गई है।
दोपहर तकरीबन साढ़े तीन बजे ग्राम दिसौरा के निकट रामगंगा नहर पुल से एक महिला ने छलांग लगा दी। नहर किनारे पशु चरा रहे आसपास के गांवों के लोगों ने यह देखा तो शोर मचाया। इस पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग जुट गए। स्थानीय गोताखोर भी पहुंच गए। उन्होंने महिला की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। इधर, सूचना पर पहुंची पुलिस को पुल से ही एक थैला मिला है।
इसमें दवाओं की एक थैली, एक जोड़ी चप्पल और बच्चे के कपड़े मिले। नहर किनारे पशु चरा रहे बच्चों ने बताया कि महिला ने अपनी गोद में एक बच्ची को ले रखा था। देर शाम पुल पर मिले थैले और सामान के आधार पर उसकी शिनाख्त गांव वालीपुर निवासी तेजपाल की बेटी प्रवेश के रूप में हुई। उसकी शादी बछरायूं के गांव ढयोटी निवासी रोजगार सेवक महाराज सिंह के साथ हुई थी। परिजन ग्राम खाबड़ी के पुल पर जाल लगाकर शव की तलाश में जुटे हुए हैं।
मां के निधन से पड़ा था दिमाग पर असर
मंडी धनौरा। प्रवेश के तहेरे भाई और भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष डूंगर सिंह ने बताया कि प्रवेश के दो लड़कियां है। वह बुधवार को अपनी तीन साल की छोटी बेटी को लेकर गांव वालीपुर जा रही थी। नहर के पुल पर उसे गांव के ही एक व्यक्ति ने देखकर गांव चलने की बात कही थी।
उसने पीछे से पति के आने की बात कहकर ग्रामीण को जाने के लिए कह दिया। बच्ची संग महिला के नहर में छलांग लगाने की सूचना पर उसी ग्रामीण ने प्रवेश के पिता को सूचना दी। मौके से मिले थैले से उसकी पहचान की गई। सामान की पहचान होते ही परिजन विलाप करने लगे।
जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से रामगंगा नहर का पानी बंद कराने का अनुरोध किया गया है। बताया कि, दो माह पहले प्रवेश की माता का निधन हो गया था। माता के निधन का प्रवेश के दिलो दिमाग पर गहरा असर पड़ा था। मां की मौत के बाद वह अक्सर बहकी बहकी बातें करने लगी थी। पति उसका उपचार भी करा रहा था।