पिछड़े इलाके में शुमार गंगेश्वरी क्षेत्र में कुश्ती, कबड्डी, दौड़ जैसी
ग्रामीण एवं प्राचीन कला तथा खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए एक दशक
पूर्व सुरेंद्र सिंह भाटी ने खरखौदा में खेल संस्थान की स्थापना की।
अब
खिलाड़ियों की नर्सरी बन गया है। खेल संस्थान में रोजाना घंटों मेहनत करने
वाले शहवाजपुर गांव निवासी दीपक गुर्जर, विनय गुर्जर, खरखौदा का अर्जुन
भाटी, पुटसल निवासी संजीव कुमार, फूलपुर गांव का अरुण गुर्जर सेना में
भर्ती हो चुके हैं तथा शहवाजपुर निवासी निगम नेवी में चला गया है।
इनसे
प्रेरणा लेकर संस्थान में दीपक कुमार, संदीप, सौविंद्र, मोहित निपेंद्र,
नागेंद्र गुर्जर, कावेंद्र नागर, सुधीर भाटी, धर्मेंद्र खटाना आदि युवा कोच
अनमोल भाटी की देखरेख में घंटों मेहनत करते हैं। यह सभी राज्य स्तरीय कई
प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जनपद का नाम रोशन कर चुके हैं। खेलों में ही
भविष्य बनाने के लिए घंटों मेहनत करते हैं।
संस्थान में कुश्ती के नए नए
गुर सिखाने वाले धर्मदेव भाटी जनपद में कुश्ती के अकेले एनआईएस खिलाड़ी हैं
तथा इस समय बिजनौर में कुश्ती को बढ़ावा दे रहे हैं। खेतों में स्थित खेल
संस्थान में कोच अनमोल भाटी की देखरेख में सुबह शाम दो दर्जन से अधिक
खिलाड़ी पसीना बहाते हैं।
संस्थान में खेलने वाले खिलाड़ियों की सफलता से
जहां प्रबंधक सुरेंद्र सिंह भाटी और कोच अनमोल भाटी गदगद हैं, वहीं क्षेत्र
में भी खेलों का रुझान बढ़ा है।