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माफिया के हाथ की कठपुतली बना पुलिस-प्रशासन

Wed, 06 Jan 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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जिले में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में गंगा समेत कई इलाकों में अवैध खनन कर धरती को खोखला किया जा रहा है और पुलिस-प्रशासन माफिया के हाथों की कठपुतली बना है।
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कार्रवाई नहीं किए जाने से दिन दहाड़े जेसीबी चलाई जा रहीं हैं और ट्रैक्टर ट्रालियों- डंपर से मिट्टी की ढुलाई की जा रही है। हाल यह है कि, अब इसके लिए माफिया बाकायदे फर्जी रसीदें छपवाकर अपने कार्य को अंजाम दे रहा है।

हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में गंगा और अन्य नदियों के साथ ही खेतों में खनन होने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है, लेकिन जिले में इसका क्रियांवयन नहीं कराया जा रहा है।
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जिले में डिडौली कोतवाली क्षेत्र का गांव पूरनपुर अवैध खनन के कारण खतरे के मुहाने पर पहुंच चुका है। पूरनपुर झील अवैध खनन से घाटी से नजर आने लगी है, लेकिन प्रशासन के अफसर कोई खनन नहीं होने का दावा करते रहते हैं।

यहां पुलिस की साठगांठ से धड़ल्ले से अवैध खनन चलता है। ठीक इसी प्रकार नौगावां सादात थाना क्षेत्र में अमरोहा-मंडी धनौरा रोड के किनारे पंजू सराय में अवैध खनन के कारण सोतनदी की जमीन भी खोखली कर इसे घाटी बना दिया गया है, मगर पुलिस खनन माफिया की जेसीबी को नहीं रोक पा रही है। ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ ही डंपर से खनन का रेता आबादी में भराव में डाला जा रहा है।

माफिया की कोतवाली में मौज
सगे भाई की ओर से एसडीएम, खनन निरीक्षक और सीओ की मौजूदगी में लिखकर दिए गए बयान के बाद भी माफिया को नहीं पकड़ा गया।

मंगलवार को पुलिस-प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के बाद भी वही माफिया कोतवाली में घूमता नजर आया, जिसके खिलाफ उसके भाई ने बयान  दिया था।

इसके अलावा अवैध खनन के लिए माफिया की ओर से छपवाई गई फर्जी रसीदें बरामद की गईं थीं। बता दें कि डिडौली कोतवाली पुलिस का माफिया को खुला संरक्षण प्राप्त है, जबकि पुलिस ने दलालों का प्रवेश वर्जित का बोर्ड भी लगा रखा है।

खनन निरीक्षक ने तहरीर देकर वापस ली
डिडौली कोतवाली में मंगलवार को पूरनपुर झील में पकड़े गए खनन की लिखित तहरीर देकर प्रशासन के अधिकारी और खनन निरीक्षक खुद फंस गए हैं।

माफिया के भाई के बयान लेने के बाद उन्हें तस्दीक भी किया गया और तमाम सामान मिला। लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच हमारे हाथ खनन निरीक्षक द्वारा लिखकर पुलिस को दी गई तहरीर हाथ लग गई।

इससे साफ जाहिर है कि मोटी डीलिंग करके खनन की छापेमारी करने गए अधिकारियों ने माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं की और जो तहरीर पुलिस को दी गई वह वापस लेकर मामले को वहीं निपटा दिया।
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