महाशिवरात्रि पर महादेव का गंगा जल से अभिषेक करने के लिए शहरों और ग्रामीण अंचलों से हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़ियों का सैलाब सड़कों पर उमड़ने लगा है। हर कोई महादेव की भक्ति में रंगा नजर आने लगा है। कांवड़ियों में महादेव की भक्ति का रंग चढ़ता जा रहा है। कांवड़ियों के डेरों में चिलम के छल्ले उड़ने लगे हैं।
महाशिवरात्रि देशभर में सात मार्च दिन को सोमवार को श्रद्धाभाव से मनाई जाएगी। ब्रजघाट और हरिद्वार से कांवड़िये कांवड़ लाने के लिए जत्थों के साथ निकल पड़े हैं। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले जत्थे गजरौला होकर जाने लगे हैं। त्योहार को सिर्फ शेष दो दिन रह गए हैं।
शुक्रवार से ही गजरौला से धनौरा हाईवे पर बम-बम भोले के जयकारों के साथ कांवड़ियों के जत्थे नजर आए। शु्क्रवार को धनौरा रोड पर जगह-जगह विश्राम के समय डीजे पर कांवड़ियों की टोलियां थिरकती नजर आईं। वहीं कांवड़ियों के डेरों में चिलम के भी छल्ले उड़ते दिखे। धनौरा रोड से गजरौला होते हुए नेशनल हाइवे तक देर रात तक कांवड़ियों की चहल पहल बरकरार रही।
कहीं कांवड़ियों को खतरा न बन जाए प्रशासन की सुस्ती
गजरौला। कांवड़ियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सुस्त नजर आ रहा है। प्रशासन की सुस्ती कहीं कांवड़ियों के लिए खतरा न बन जाए। जिला प्रशासन के आदेशों को स्थानीय प्रशासन हवा में उड़ा रहा है। जिला प्रशासन ने कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए तीन मार्च की सुबह पांच बजे से रूट डायवर्जन के आदेश जारी कर दिए थे।
कांवड़ियों के मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद अभी तक स्थानीय प्रशासन आदेश का पालन नहीं करा सका है। शुक्रवार को धनौरा रोड पर कांवड़ियों के जत्थे पर जत्थे आ रहे थे। वहीं ट्रक, मेटाडोर, डीसीएम आदि जैसे भारी वाहन धनौरा मार्ग पर दिनभर फर्राटा भरते रहे।
ऐसे में भारी वाहन कांवड़ियों की सुरक्षा का खतरा बने हुए हैं। इसके अलावा इंद्रा चौक, भानपुर फाटक और कुमराला से कांकाठेर मार्ग पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी भी लगनी थी क्योंकि खास तौर पर कुमराला-कांकाठेर संपर्क मार्ग पर रात के समय कांवड़ियों के लुटने का भय बना रहता है। लेकिन यहां शुक्रवार को कहीं भी पुलिस दिखाई नहीं दी।