हजरत बाबा फरीदी रहमतुल्लाह अलैह के उर्स के दूसरे दिन अकीदतमंदों ने चादरपोशी के जुलूस में शिरकत की। वहीं, सूफियाना कलाम के बीच दरगाह पर हाजिरी देकर दुआएं मांगने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। महिलाओं और बच्चों ने खूब खरीदारी की।
उर्स की शुरूआत शनिवार को कुरान ख्वानी से हुई। दरगाह पर सुबह से ही जायरीन जुटने लगे थे। शाम को हवेली से चादरपोशी का जुलूस दरगाह पहुंचा।
सज्जादानशीं ख्वाजा राशिद फरीदी ने बाबा की तालीमात पर जिंदगी गुजारने की सीख दी। बाद नमाजे मगरिब कुलशरीफ की रस्म अदा की गई। देर रात जलसा-ए-सीरत पाक के बाद कव्वाली की महफिल सजी।
कव्वालों ने बाबा की शान में कलाम सुनाकर जायरीन को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, सीएमओ डॉ. एसके जैन ने दरगाह पर चादरपोशी की।
सज्जादानशीं ने दरस्तारबंदी की। उर्स में महाराष्ट्र, गुजरात से भी तमाम अकीदतमंद शामिल हुए। इस मौके पर मोईनुद्दीन बेग, हसन कादरी, रियाज साबरी, कासिम साबरी, सौरभ अग्रवाल, आरिफा सिद्दीकी, मौजूद थे।