गुरुकुल भारतीय संस्कृति और सभ्यता के संवाहक हैं। गुरुकुल की शिक्षा पद्धति और परंपरा के प्रभाव से ही भगवान श्री राम का मर्यादा पुरुषोत्तम और श्री कृष्ण योगेश्वर रूप सबके सामने आया।
यह बातें रविवार को श्रीमद् दयानंद कन्या गुरुकुल महाविद्यालय चोटीपुरा में रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कही। वे गाजीपुर जनपद निवासी आनंद कुमार की ओर से पिता शिव प्रसाद सिंह की स्मृति में बनवाई गई गोशाला के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
रेल राज्यमंत्री ने कहा कि, यहां पर बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ ही अपनी संस्कृति से भी रूबरू कराया जाता है। इसी परंपरा की वजह से ही भारत की विश्व में अलग पहचान है। बाद में सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर ने महाविद्यालय की उपलब्धियां गिनाईं।
कहा कि, गुरुकुल की बालिकाओं ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। पढ़ाई के साथ ही खेलों में भी यहां की बालिकाओं की धमक है। उन्होंने गुरुकुल के विकास के लिए पूर्ण सहयोग देने का भी वादा किया। गोशाला संस्थापक ने भी चोटीपुरा गुरुकुल की विशेषताएं बताईं।
बाद में गुरुकुल की प्राचार्य डा.सुमेधा आर्य ने वेदों का उदाहरण देते हुए गाय कीसुरक्षा पर जोर दिया। कहा कि गाय सुरक्षित होगी तो देश, सभ्यता और संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी। इस दौरान बालिकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किया।
सांसद लगवाएंगे 20 केवी का सोलर सिस्टम
सांसद कंवर सिंह तंवर ने गुरुकुल महाविद्यालय में 20 किलोवाट की सोलर लाइट लगवाने की घोषणा की। कहा कि गुरुकुल की छात्राओं को गर्मी में बिजली नहीं आने पर सबसे अधिक समस्या होती है। इसका समाधान सोलर सिस्टम लगाकर दूर किया जाएगा।
रेल राज्यमंत्री परिवार समेत फिर आएंगे
श्रीमद्दयानंद गुरुकुल महाविद्यालय में स्वागत और छात्राओं के सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर अभिभूत हुए रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने आचार्य सुमेधा और सुकामा से वादा किया कि बहुत जल्द वह इस तीर्थ जैसी जगह पर परिवार समेत आएंगे।