नेशनल हाईवे स्थित होटल-ढाबों और रेस्टोरेंट में भोजन पूरी तरह विश्वास के साथ खाने योग्य नहीं रहा। यह आपकी सेहत भी बिगाड़ सकता है। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से लिया गया सागर रत्ना रेस्टोरेंट के चना मसाला का सैंपल प्रयोगशाला जांच में अधोमानक आया है।
इस मामले में संस्थान की ओर से तथ्यों को छुपाए जाने पर एडीएम कोर्ट ने सागर रत्ना के मालिक और मैनेजर पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक अन्य स्थान से लिया गया नमक का सैंपल भी जांच में अधोमानक आया है। इस पर निर्माता कंपनी पर दो लाख और विक्रेता पर पांच हजार का जुर्माना लगाया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गत दिनों नेशनल हाईवे स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट से चना मसाले का सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में चना मसाले का सैंपल अधोमानक आया है। चना मसाला किस कंपनी का था, कहां से मसाला मंगाया गया था, या खुद ही संस्थान ने बनाया था, इस संबंध में संस्थान ने कोर्ट को कोई सबूत नहीं दिया।
पाया गया कि, तथ्यों को छुपाया गया है। इसे एडीएम कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए रेस्टोरेंट स्वामी पर एक लाख और संस्थान के मैनेजर दीपक गौर पर पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
वहीं एफडीए ने हसनपुर निवासी अर्जुन के यहां से नमक का सैंपल लेकर जांच को भेजा था। जांच में नमक का सैंपल अधोमानक आया है। इस मामले में विक्रेता अर्जुन पर पांच हजार और निर्माता कंपनी पर दो लाख का जुर्माना लगाया गया।
प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर सागर रत्ना रेस्टोरेंट और एक अन्य संस्थान पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। जांच में चना मसाला और नमक का सैंपल अधोमानक आया है। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। -महमूद आलम अंसारी एडीएम