सेना में ट्रेनिंग पर जाने से पूर्व गांव के पास बेसुध मिले युवक की मुरादाबाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में मंगलवार सुबह रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे परिजनों को भगाने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
जाम खुलवाने पहुंची पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। करीब साढ़े पांच घंटे बाद सीओ सिटी शील कुमार ने किसी तरह जाम खुलवाया और शव का पंचनामा भरकर लाश को पोस्टमार्टम को भेजा गया। इसमें दो के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना क्षेत्र के गांव ढक्का निवासी जगदेव (25) पुत्र रतन सिंह का सेना में चयन हो गया था। 13 मार्च दोपहर करीब 11 बजे वह घरेलू सामान खरीदने के लिए याहियापुर चौराहे पर आया था। शाम करीब साढ़े सात बजे जगदेव गांव से करीब चार सौ मीटर दूर बेसुध हालत में पड़ा मिला। परिजनों ने उसे अमरोहा के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया।
लत नाजुक होने पर सोमवार को उसे यहां से मुरादाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार की तड़के करीब चार बजे यहां जगदेव की मौत हो गई। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार सुबह परिजन थाने पहुंचे और याहियापुर गांव के पवन व रवि पर हत्या करने का आरोप लगाते रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की, लेकिन एक दरोगा ने उन्हें फटकार कर भगा दिया।
पुलिस के भगाने के बाद परिजन घर पहुंचे। ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुई, तो वे भड़क गए। सुबह करीब दस बजे ग्रामीणों ने कताई मिल के सामने बिजनौर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर नौगावां और अमरोहा पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। कई बार पुलिस वालों से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक भी हुई।
दोपहर करीब दो बजे सीओ सिटी शील कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने दो टूक कह दिया कि जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी, जाम नहीं खोला जाएगा। पुलिस ने पवन और रवि के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद करीब साढ़े पांच घंटे बाद ग्रामीण सड़क से हटे और आवागमन सुचारू हो सका।
आज होनी थी ट्रेनिंग शुरू
अमरोहा। गांव ढक्का के रतन सिंह के परिवार की खुशियां शायद ईश्वर को मंजूर नहीं। उसने मेहनत मजदूरी करके किसी तरह चार बेटों का पालन पालन कर उन्हें बड़ा किया था। तीसरे नंबर के बेटे जगदेव ने किसी तरह पढ़ाई पूरी की और परिवार की आर्थिक मदद के लिए मजदूरी भी की। वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता था।
उसकी मेहनत रंग लाई और उसका चयन सेना में हो गया। बुधवार से उसकी मेरठ में ट्रेनिंग शुरू होनी थी सो मंगलवार को सायं चार बजे उसे मेरठ जाना था। लेकिन इससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई और जिस समय उसे मेरठ रवाना होना था उस वक्त उसके शव का पंचनामा भरा जा रहा था। यह देखकर तमाम ग्रामीणों की आंखों में आंसू छलक आए थे।
सेना में भर्ती होने की खुशी में मांगी थी दावत
अमरोहा। परिजनों की बात पर यकीन करें, तो सेना में चयन के बाद जगदेव की खुशी का ठिकाना नहीं था। परिवार को भी उस पर नाज था। 13 मार्च की दोपहर जब वह याहियापुर चौराहे पर सामान खरीदने गया था, तब उसे याहियापुर के पवन व रवि मिले और उससे दावत मांगी। आरोप है कि, इस बहाने दोनों ने जगदेव को खाने में जहर दे दिया।