किसानों का गन्ना लेकर भुगतान के लिए चीनी मिलों ने चुप्पी साध रखी है। इससे किसान ठगा महसूस कर रहे हैं और आर्थिक संकट झेल रहे हैं।
इस सत्र में अगवानपुर और बेलवाड़ा चीनी मिल ने अभी तक एक धेले का भी भुगतान नहीं किया है, जबकि मिलों के चलते हुए दो महीने से अधिक का समय बीत गया है। इससे दोनों चीनी मिल पर किसानों का 26.53 करोड़ रुपये बकाया है।
अदालत का आदेश है कि 14 दिन में भुगतान नहीं करने पर किसानों को मय ब्याज भुगतान किया जाएगा, मगर इसके बाद भी चीनी मिल गंभीर नहीं हैं।
जनपद की अकेली हसनपुर चीनी मिल ने ही मौजूदा सत्र का दस जनवरी तक का भुगतान किया है, जबकि अगवानपुर चीनी मिल पर मौजूदा सत्र का 17.22 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं बेलवाड़ा शुगर मिल भी 9.31 करोड़ रुपये दबाए बैठी है।
दोनों ने मौजूदा सत्र के एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया है। रुपया नहीं मिलने के कारण किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। फसलों की सिंचाई और खाद के लिए रुपयों की जरूरत है, मगर किसान अपना ही गन्ना मिलों को देने के बाद भुगतान के लिए तरस रहे हैं।
मिल प्रबंधकों की हठधर्मिता को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी वेद प्रकाश ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में मिल प्रबंधकों के साथ बैठक कर अगले सप्ताह तक भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
मौजूदा सत्र का मिलों पर बकाया
1-वेब शुगर मिल धनौरा- 23 करोड़
2-डीएसएम शुगर मिल असमोली-4.86 करोड़
3-राणा शुगर मिल बेलवाड़ा-9.31 करोड़
4-त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर-1.57 करोड़
5-स्योहारा चीनी मिल-4.23 करोड़
6-दीवान शुगर मिल अगवानपुर-17.22 करोड़
7-धामपुर शुगर मिल-एक करोड़ रुपये बकाया है।