शहर की वंशिका रस्तौगी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में शास्त्रीय संगीत गायन में एमफिल में टॉप कर एक बार फिर जिला और परिवार का नाम रोशन किया है। छात्रा को डीयू में आयोजित वसंतोत्सव कार्यक्रम के दौरान डा.राकेश बाला सक्सैना मेमोरियल और प्रो.एएस पेंतल मेमोरियल अवार्ड से नवाजा गया है।
शहर के मोहल्ला कानूनगोयान निकट साईं मंदिर निवासी सुधीर कुमार रस्तौगी की होनहार बेटी वंशिका रस्तौगी ने एक बार फिर स्वर्णिम भविष्य की तरफ छलांग लगाई है। पिछले वर्ष वंशिका रस्तौगी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमए शास्त्रीय संगीत गायन विषय में टॉप किया था।
इस बार एमफिल 76.40 फीसदी अंक हासिल कर टॉप किया है। विश्वविद्यालय के संगीत एवं ललित कला संकाय में आयोजित हुए वसंतोत्सव कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो.सुनीरा काश्नीवाल व्यास, पद्म विभूषण पंडित देबू चौधरी और लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पंडित विद्याधर व्यास ने वंशिका रस्तौगी को डा.राकेश बाला सक्सैना मेमोरियल और प्रो.एएस पेंतल मेमोरियल अवार्ड प्रदान किया।
छात्रा को प्रतिमाह पांच हजार रुपये की स्कॉलरशिप भी मिली है। वंशिका की इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। वंशिका अपनी कामयाबी का श्रेय माता शशी रस्तौगी को देती हैं। वंशिका ने बताया कि उसने जेएस हिंदू डिग्री कालेज अमरोहा से बीएससी प्रथम श्रेणी में उत्तीण की थी।
सर्व प्रथम शास्त्रीय संगीत एवं गायन की शिक्षा शहर की दुर्गा कालोनी निवासी विनोद शर्मा से ली और इसके बाद मुरादाबाद के गुरुजी पुरुषोत्तम शर्मा से आगे की शिक्षा हासिल की। वंशिका रस्तौगी पीएचडी करने के बाद इसी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं।