लखनऊ में लाठीचार्ज के विरोध में स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर सीएमओ दफ्तर पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
उप्र एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले जिलेभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार को सीएमओ दफ्तर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। वक्ताओं ने कहा कि 13 मार्च को संविदा कर्मचारी लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में शांतिपूर्वक तरीके से धरना- प्रदर्शन कर रहे थे और पुलिस ने कर्मचारियों पर बर्बरता दिखाकर लाठीचार्ज किया।
जिसमें कर्मचारी घायल हो गए और प्रांतीय नेेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की तानाशाही है, जिसे किसी भी कीमत बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि लखनऊ में धरने की परमिशन नहीं ली गई, जबकि हकीकत तो यह है कि सरकार दमनकारी नीति अपनाकर उनकी आवाज को दबाना चाहती है।
उन्होंने चेतावनी देते कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। यहां डा.नवनीत, डा.ललित मोहन, डा.नवाजिश, अब्दुल कादिर, डा.दीपू, तहसीन अहमद, अनादिल, डा.मेराज, नेहारानी, प्राची, आफिया समेत तमाम संविदा कर्मचारी शामिल थे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने दिया समर्थन
अमरोहा। उप्र एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के सीएमओ दफ्तर पर दिए गए धरने को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी समर्थन दिया है। परिषद के जिलाध्यक्ष पीएन तिवारी, महामंत्री पीके सारस्वत, संरक्षक अनूप सिंह पैसल भी संविदा कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठे और चेतावनी दी कि संविदा कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया। उन्होंने लखनऊ में संविदा कर्मचारियों पर लाठीचार्ज की भी निंदा की।