किसान परेशान हैं और उदासीन अफसर-सरकार सुनने का तैयार नहीं है। समस्याओं से आजिज किसानों के धैर्य का बांध शनिवार को टूट गया।
350 रुपये गन्ना रेट घोषत करने और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर वे सड़क पर उतर आए। कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर सोमवार से पशुओं समेत कलक्ट्रेट पर धरना देने का एलान कर दिया है।
भारतीय किसान यूनियन ने आज से विभिन्न मांगों को लेकर करण सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट पर धरना शुरू किया है।
इस दौरान बेमियादी धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष उम्मेद सिंह ने कहा कि चीनी मिलें चले डेढ़ महीना बीत गया है, लेकिन अभी तक गन्ने का भाव घोषित नहीं किया गया। इससे वे अंधेरे में हैं।
उन्होंने गन्ने का भाव 350 रुपये घोषित करने की मांग उठाई। इसके अलावा रिजेक्ट प्रजाति बताकर गन्ना किसानों का शोषण करने पर मिलों को चेताया। कहा कि, किसानों को सामान्य प्रजाति की पर्चियां नहीं मिल रहीं हैं।
जिसके कारण उनका गन्ना खेत में सूख रहा है। मिलों की मिलीभगत के चलते गन्ना माफिया कालाबाजारी कर रहे हैं। मांगें नहीं मानी जाने पर 11 जनवरी को पशुओं को लाकर धरने पर बांध देने का एलान किया।
इस दौरान रामपाल सिंह, भगवान सिंह, राकेश गिल, जयपाल सिंह, चौधरी सत्यपाल सिंह, महेेश जाटव, गिरि राज सिंह, सोमपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, डूंगर सिंह, कीकर सिंह, जमील अहमद, काले सिंह, लल्लू सिंह, रहे।
दो मिलों ने पिछले साल का भी नहीं किया भुगतान
अमरोहा। जिले के किसानों का अभी पिछले वर्ष का ही 14 करोड़ रुपये बेलबाड़ा और अगवानपुर चीनी मिलों पर बकाया है। यह दोनों मिलें भुगतान करने में पिछड़ र्गइं हैं।
मौजूदा सीजन का बकाया दो अरब से ऊपर
अमरोहा। जिले के करीब डेढ़ लाख गन्ना किसानों का इस सीजन का करीब दो अरब भुगतान आठ चीनी मिलों पर बकाया है। केवल सरकारी क्षेत्र की हसनपुर चीनी मिल ने ही कुछ भुगतान करके अपने क्षेत्र के किसानों के आंसू पोछे हैं, मगर अभी भी निजी मिल इस तरफ ध्यान नहीं दे रहीं हैं।
पिछले गन्ना भुगतान को काफी हद तक करा दिया गया है। बेलबाड़ा और अगवानपुर मिलों पर करीब 14 करोड़ रुपये बकाया है। मौजूदा सीजन के गन्ना भुगतान के लिए भी मिलों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
-विजय बहादुर सिंह जिला गन्ना अधिकारी